फर्जी मुठभेड़ मामले में शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट ने मणिपुर सरकार के जवाब पर उसे कड़ी फटकार लगाई है। राज्य सरकार ने जवाब में दलील दी है कि कथित फर्जी मुठभेड़ में हुई हत्याओं के मामलों पर राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) जांच कर रहा है। ऐसे में मामले पर अदालत विचार नहीं कर सकती।
जस्टिस आफताब आलम व जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई की पीठ ने राज्य सरकार से कहा कि आप एनएचआरसी को बहाने के तौर पर उपयोग करने का प्रयास कर रहे हैं। पीठ ने राज्य सरकार के जवाब पर कड़ी नाराजगी जताते हुए कहा कि इतने गंभीर मामले में अपने आपको सही साबित करने के लिए ऐसी दलील दी जा रही है। क्या कोई जंग चल रही है। क्या कोई युद्ध लड़ा जा रहा है जो आपके लोग उन्हें मार रहे हैं। क्या राज्य सरकार का यही नजरिया है इतने गंभीर मामले के प्रति।
सर्वोच्च अदालत ने यह नाराजगी राज्य सरकार के जवाब में यह कहने पर जताई है कि राज्य में तीस अलगाववादी संगठन हैं जो हमारे लोगों को मार रहे हैं और इसी वजह से हम उन्हें मार रहे हैं। शीर्षस्थ अदालत ने एक अक्तूबर को इस मसले पर केंद्र व राज्य सरकार को नोटिस जारी किया था।