सर्वोच्च न्यायालय ने केंद्र सरकार से कहा है कि संसद द्वारा सर्वसम्मति से कोलेजियम प्रणाली की जगह राष्ट्रीय न्यायिक नियुक्ति आयोग लाने का निर्णय इसकी वैधानिकता का एकमात्र आधार नहीं हो सकता है।
अदालत ने कहा कि संसद द्वारा सर्वसम्मति से लिए गए हर निर्णय को सीधे तौर पर मंजूर नहीं किया जा सकता और अगर इसे चुनौती दी गई तो न्यायिक परीक्षण किया जाएगा।
न्यायमूर्ति एआर दवे की अध्यक्षता वाली पीठ ने यह तब कहा जब केंद्र की ओर से पेश अटार्नी जनरल मुकुल रोहतगी इस बात पर लगातार जोर दे रहे थे कि संवैधानिक संशोधन और राष्ट्रीय न्यायिक नियुक्ति आयोग बनाने का निर्णय संसद ने सर्वसम्मति से लिया है।