सिद्धि पाने की चाहत में विनीत नाम के एक अंधविश्वासी सिरफिरे ने अपने तीन माह के दुधमुहे बेटे की बलि दे दी। इस वारदात के बाद पुलिस ने आरोपी को एक मंदिर से गिरफ्तार किया है। बाप के हाथों नरबलि का शिकार हुआ मासूम प्रशांत शुक्रवार की रात अपनी दादी कांती के पास सोया था।
शनिवार सुबह करीब चार बजे विनीत दूध पिलाने के बहाने उसे उठाकर लाया और कमरे में बने मंदिर के पास रखे बक्से पर सिर रखकर उसका गला चाकू से रेत दिया। बच्चे की चीख सुनकर कमरे में सो रही उसकी मां मोहिनी जाग गई और उसने प्रशांत को छीनने का प्रयास किया। कांती भी वहां पहुंच गई।
इसके बाद विनीत उसे लेकर जीने की ओर भागा, दोनों ने जब तक प्रशांत को छीना, तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। इसके बाद विनीत छत से कूदकर गांव में ही बने देवी मंदिर में पहुंचा। जहां उसने मासूम के खून से सने अपने हाथों की छाप लगाई। यहां से भागकर नगला बांध में बने शिव मंदिर पहुंचा और अंदर से दरवाजा बंद कर पूजा करने बैठ गया।
गांव वालों की सूचना पर जब पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया, तब भी वह मंदिर में पूजा कर रहा था। परिवारीजनों और ग्रामीणों की माने तो आरोपी के सिर पर सिद्धि प्राप्त करने का भूत सवार था, वह नशा करता और पूजा पाठ में जुटा रहता। विनीत की पत्नी मोहिनी ने बताया कि शुक्रवार दोपहर में भी विनीत ने प्रशांत को छत से फेंक दिया था, लेकिन वह बच गया। उस वक्त भी परिवार के लोग उसके बलि देने के मंसूबे को नहीं समझ पाए थे।
पकड़े जाने के बाद आरोपी पहले तो घटना से इनकार करता रहा फिर केवल इतना बोला कि उससे नशे में यह घटना हो गई। एसपी विनय कुमार यादव का कहना है कि मामले की पूरी छानबीन की जा रही है। जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसके आधार पर कार्रवाई की जाएगी।