आगरा में कुर्राचित्तरपुर के देवी पंडाल में रविवार सुबह अंधभक्ति से विवाद खड़ा हो गया। एक किशोरी खुद को ‘देवी’ बताने लगी।
श्रद्धालुओं को आशीर्वाद के बहाने तमाचे जड़ने लगी। जब उसे पंडाल से निकालने की कोशिश हुई तो कई लोग इसका विरोध करने लगे। विवाद बढ़ता देख आई पुलिस ने किशोरी को वहां से हटाया।
जैन मंदिर के पास सार्वजनिक पूजा के लिए देवी दुर्गा की प्रतिमा स्थापित की गई है। रविवार सुबह वहां भजन हो रहे थे। इसी बीच गांव की एक किशोरी वहां पहुंची।
अचानक वह खुद को देवी का रूप बताकर नाचने लगी। इस पर श्रद्धालुओं का भीड़ लग गई। अंधविश्वासियों ने बिना कुछ सोचे-समझे उसकी पूजा भी शुरू कर दी।
उनकी आंख तो तब खुली जब ‘देवी’ ने आशीर्वाद पाने को करीब आए कई महिला, पुरुषों के तमाचे जड़ दिए। ग्राम प्रधान और उनकी मां को भी नहीं बख्शा।
उन्होंने इसका विरोध किया तो विवाद खड़ा हो गया। कुछ लोग किशोरी को ढोंगी बताकर पंडाल से हटाने लगे तो कुछ उसके समर्थन में खड़े हो गए। इससे विवाद बढ़ गया। सूचना पर चौकी से पुलिस भी आ गई।