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नेहरू से छीना जाए भारत रत्न: सुजीत आजाद

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यूपी के मुरादाबाद में स्वतंत्रता संग्राम सेनानी भवन में शनिवार को क्रांतिकारी चंद्रशेखर आजाद के भतीजे सुजीत आजाद का स्वागत किया गया। स्वागत समारोह का आयोजन रैड सोसाइटी की ओर से हुआ। इस अवसर पर स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के परिवार की स्थिति पर चर्चा हुई।
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सुजीत आजाद ने भारत सरकार से जवाहर लाल नेहरू का भारत रत्न छीनने की मांग की। इसके साथ ही जेएनयू में भारत विरोधी नारे लगाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। स्वतंत्रता सेनानी भवन में पत्रकारों से वार्ता करते हुए सुजीत सरकार ने कहा कि देश के आजादी के लिए संघर्ष के दौरान ही षडयंत्र रचे जाने लगे थे।

जवाहर लाल नेहरू ने ही अंग्रेजों को चंद्र शेखर आजाद के कंपनी बाग में होने की सूचना दी थी। इसके बाद अंग्र्रेजों ने चंद्र शेखर आजाद को घेर लिया था। अपनी आखिरी गोली तक वे लड़े और बाद में अपने हाथों को खुद को शहीद कर दिया। उससे पहले विद्यार्थी जी के कहने पर वे भगत सिंह की आजादी के लिए एचएसआरए का खजाना लेकर नेहरू के पास गए थे। उन्होंने ने केवल खजाना हड़प लिया, बल्कि आजाद के साथ धोखा किया।
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क्रांतिकारियों के परिवार की हालत खराब

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मांग है कि इस मामले की जांच होनी चाहिए। सत्ता के लिए नेहरू की ओर से किए गए षडयंत्र की सजा मिलनी चाहिए। उनका भारत रत्न भी छीना जाए। इसके साथ ही अंग्रेजों के दस्तावेज में चंद्रशेखर आजाद के नाम के साथ जोड़े गए आतंकवादी, लुटेरा जैसे शब्द हटने चाहिए।

वे एचएसआरए को चला रहे हैं। सरकार उनकी मांग नहीं मानती है तो एक बार फिर से आजादी के समय वाला आंदोलन चलाया जाएगा। जेएनयू में नारे लगाने वालों के बारे में कहा वे देशद्रोही हैं। उन्हें रामलीला मैदान में फांसी दे देनी चाहिए। सुजीत आजाद ने बताया कि क्रांतिकारियों के परिवार आज गुरबत की जिंदगी जी रहे हैं।

वे चंद्र शेखर आजाद के भाई रामभरोसे तिवारी के बेटे हैं। वे मोटर बाइंडिंग का काम करके परिवार चलाते हैं। सरकार को उनके परिवारों के बारे में सोचना चाहिए। इस अवसर पर धवल दीक्षित, इशातुल्ला खां, संजीव आकांक्षी, आदि मौजूद रहे।
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