इस साल प्रदेश की मिलें चीनी को संभाल नहीं पाएंगी। मिलों के गोदाम पिछले सत्र की ही 43 लाख टन चीनी से भरे पड़े हैं। अब अक्टूबर से नया सत्र शुरू हो जाएगा। इस बार गन्ना बेल्ट में अगैती किस्म का रकबा दस से पंद्रह फीसदी तक बढ़ा है, लिहाजा चीनी का रिकार्ड उत्पादन तय माना जा रहा है।
इस साल प्रदेश में 21.32 लाख हेक्टेयर में गन्ने की फसल थी। इनमें अगैती का रकबा 4.55 लाख हेक्टेयर था। पेराई सीजन 2015-16 के लिए कराए सर्वे के अनुसार अगैती का रकबा दस से पंद्रह फीसदी तक बढ़ा है।
गन्ना बेल्ट मुरादाबाद, अमरोहा, बिजनौर, मेरठ, बागपत, शामली, मुजफ्फरनगर, सहारनपुर, बुलंदशहर, गाजियाबाद, बरेली, अलीगढ़, लखनऊ और गोरखपुर में अगैती प्रजाति की किस्म सीओ-238 व सीओ-239 में इजाफा हुआ है। इन दोनों ही किस्मों में रिकवरी जबरदस्त है।
एक कुंतल गन्ने में 11 किलो तक चीनी आती है। जानकारों का कहना है कि इन किस्मों से पैदावार में भी दस फीसदी तक की वृद्धि हो रही है। वैसे भी अगैती गन्ने की खरीद चीनी मिलें बड़े चाव से करती हैं। इसकी सबसे बड़ी वजह रिकवरी का बढ़ना ही होता है।