सुलहकुल की नगरी में सूफी विचारधारा भी खासी फली-फूली है। पर्यटन विभाग इसी वजह से सूफी सर्किट बनाने की दिशा में प्रयासरत है। सर्किट में चारों सूफी सिलसिलों के प्रमुख संतों की मजारों को शामिल किया जाएगा। इसमें आगरा मंडल के प्रमुख सूफी संतों की जानकारी वेबसाइट पर दी जाएगी। इसके लिए सूफी संतों का ब्यौरा तैयार किया जा रहा है।
लंबे समय तक मुगलों की राजधानी रहे आगरा में विभिन्न धर्म और संस्कृतियां फली-फूलीं। यहां पर नक्शबंदी, सुहरावर्दी, चिश्ती और कादरी सिलसिलों के सूफी संतों ने अपना ठिकाना बनाया। शाहजहां के शासन काल में आए हजरत जलाल बुखारी हों या लाल बुखारी। शेख सलीम चिश्ती से लेकर हजरत अबुल उलाह तक आगरा में सूफी संतों की कई दरगाह मौजूद हैं। सूफी संतों के अनुयायी सभी धर्मों के लोग हैं। इसी को लेकर पर्यटन विभाग सूफी सर्किट बनाने की तैयारी कर रहा है।
सर्किट में आगरा के साथ ही मथुरा, फीरोजाबाद, एटा और आसपास के प्रमुख सूफी संतों की दरगाहों का जिक्र किया जाएगा। यहां लगने वाले उर्स की जानकारी भी दी जाएगी। इसके लिए पर्यटन विभाग के अधिकारियों ने पिछले दिनों मारहरा शरीफ का दौरा किया। सर्किट में सूफियाना कलाम और संगीत के बारे में भी जानकारी दी जाएगी। प्रमुख सूफी संतों की दरगाह के छायाचित्र और उनके बारे में वेबसाइट पर पूरी जानकारी अपलोड की जाएगी। इसके लिए कार्य चल रहा है।
जल्द पूरा होगा सूफी सर्किट
पर्यटन उप निदेशक दिनेश कुमार सिंह का कहना है कि सूफी सर्किट के प्रस्ताव पर पर्यटन विभाग काफी दिनों से काम कर रहा है। आगरा मंडल के प्रमुख सूफी संतों के बारे में पर्यटकों को जानकारी देने के उद्देश्य से सूफी सर्किट बनाया जा रहा है। इसमें उनके इतिहास पर भी रोशनी डाली जाएगी। जल्द ही इसे पूरा कर लिया जाएगा।