पुलिस के अनुसार भारतीय समुद्री सीमा में गिरफ्तार किए गए अमेरिकी जलपोत के चालक दल के 35 सदस्यों में से एक ने आत्महत्या की कोशिश की है।
अमेरिकी जहाज एम.वी. सीमैन गार्ड ओहियो' को भारतीय तटरक्षक बलों ने तमिलनाडु के तूतीकोरिन बंदरगाह के पास 12 अक्टूबर को पकड़ा था।
पुलिस ने आत्महत्या की कोशिश करने वाले व्यक्ति के ख़िलाफ मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस का दावा है कि इस जलपोत पर भारी मात्रा में हथियार छुपा कर रखे गए थे।
इस व्यक्ति की पहचान जलपोत के मुख्य अभियंता के रूप में हुई है। हालांकि उसकी राष्ट्रीयता के बारे में पता नहीं चला है।
अलग-अलग बयान
जलपोत से गिरफ़्तार किए गए 35 सदस्यों में भारतीय, ब्रिटिश, यूक्रेनियाई और एस्तोनियाई नागरिक शामिल हैं।
यह अमेरिकी जलपोत सिएरा-लियोन में पंजीकृत है।
एक पुलिस अधिकारी ने बीबीसी तमिल सेवा को बताया कि सोमवार को जलपोत के मुख्य अभियंता ने स्थानीय समयानुसार सुबह पाँच बजे अपनी शर्ट से अपना गला घोंटने का प्रयास किया लेकिन कारावास में मौजूद अन्य लोगों ने उन्हें बचा लिया। इन लोगों को तिरुनेलवेली कस्बे की पालैयानकोट्टाई जेल में रखा गया है।
इस जलपोत के 33 सदस्यों के शुक्रवार को गिरफ़्तार किया गया था और बाकी दो सदस्यों को शनिवार को गिरफ़्तार किया गया था।
इस घटनाक्रम के बारे में भारतीय अधिकारियों और इस जलपोत का मालिकाना हक़ रखने वाली अमेरिकी कंपनी एडवैनफोर्ट के बयान एक-दूसरे से मेल नहीं खाते।
भारतीय अधिकारियों का कहना है कि उन्होंने इस जलपोत को उस समय पकड़ा था जब यह भारतीय राज्य तमिलनाडु के तट के पास से गुजर रहा था।
गोला-बारूद
पुलिस के अनुसार उसने इस जलपोत से हथियार और गोला-बारूद बरामद किए जिसके बारे में अधिकारियों को पहले से सूचित नहीं किया गया था।
भारतीय अधिकारियों ने बताया कि इस जलपोत को भारतीय जल सीमा में हथियार लाने की इजाज़त नहीं थी और जलपोत के चालक दल ने बाद में भी इस संबंध में ज़रूरी दस्तावेज़ नहीं पेश किया।
लेकिन एडवैनफोर्ट ने कहा कि यह जलपोत हिन्द महासागर में जल-दस्यु निरोधक अभियान में सहायता करने के लिए गया था।
पिछले हफ्ते जारी किए गए बयान में एडवैनफोर्ट ने कहा था कि भारतीय तट रक्षकों और पुलिस ने इस जलपोत को ईँधन लेने और भारत के पूर्वी तट पर आए चक्रवात से बचने के लिए तट पर आने दिया था। कंपनी ने इसके लिए अधिकारियों को धन्यवाद भी दिया।
कंपनी ने कहा कि जलपोत पर मौजूद सभी हथियार और गोला-बारूद पंजीकृत थे।
समुद्री लुटेरे
हाल के वर्षों में हिंद महासागर और अरब सागर में समुद्री लुटेरों का खतरा बढ़ गया है। कई बार जलपोतों के चालक दल को फिरौती के लिए अगवा भी किया जा चुका है।
सोमाली समुद्री लुटेरों द्वारा जहाजों का अपहरण कर उनके चालक दल के सदस्यों के बदले फ़िरौती मांगने की घटनाएं तेजी से बढ़ी हैं।
पिछले कुछ दिनों में इस तरह के हमले कम हुए क्योंकि जलपोतों पर अब पहले से ज़्यादा संख्या में हथियारबंद रक्षक रहते हैं।
गिरफ़्तार किए गए चालक दल के 35 सदस्यों में छह ब्रिटेन के नागरिक हैं। सोमवार को ब्रितानी दूतावास के अधिकारियों को इन लोगों से मिलने दिया गया।