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पूरे देश में चमका यूपी का ये लाल, पढ़कर आपको भी होगा गर्व

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फिल्म थ्री इडियट यूपी सीपीएमटी 2015 में यूपी टॉप करने वाले रौनक जैन के लिए बड़ा टर्निंग प्वाइंट बनकर आई। फिल्म देखने के शौकीन रौनक ने इस फिल्म से दो सीख लीं। पहली, ‘दूसरों की उम्मीद के लिए अपनी प्रतिभा मत दबने दो और दूसरी ‘जो भी करो बस मन से’।
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बस इसके बाद डाक्टर बनने के सपने को गंभीरता से ले लिया। रविवार को घोषित हुए सीपीएमटी के परिणाम में आगरा के रौनक की पूरे प्रदेश में चमक बिखर गई।

वह विख्यात कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. नरेश त्रेहन से प्रभावित हैं और इसी क्षेत्र में विशेषज्ञ बनना चाहते हैं। सफलता के लिए लक्ष्य-30 के संस्थापक पद्मश्री डॉ. डीके हाजरा और दीक्षालय कोचिंग के डायरेक्टर डॉ. अम्बरीश अग्रवाल को श्रेय देते हैं।

दवा के लिए इंतजार, बस डॉक्टर बनना है

यूपी सीपीएमटी 2015 में आगरा के रौनक जैन ने 200 में से 171 अंक प्राप्त कर प्रदेश में सर्वोच्च स्थान प्राप्त किया है। शहर के ही मयंक कुमार ने 18वीं और आशुतोष ने 19वीं रैंक हासिल की है। बेलनगंज महावीर विला निवासी रौनक ने बीते साल इंटरमीडिएट में 91.83 प्रतिशत अंक हासिल किए थे। मेधावियों के घरों में उत्सव का माहौल है। वहीं रौनक को महावीर विला सोसाइटी ने सम्मानित भी किया है।

डॉक्टर बनने के सवाल पर रौनक ने बताया कि जब कभी मां-पिता बीमार होते थे तो दवा लेने के लिए डाक्टरों के यहां घंटों बैठना पड़ता था। बस सोच लिया कि अब डॉक्टर बनेंगे। वह बोले कि कक्षा आठ में शिक्षक अंशुल अग्रवाल ने जब मेरा लक्ष्य पूछा तो उन्होंने इसके लिए विज्ञान विषय लेकर अपने सपने पूरे करने को कहा।

रौनक की मां अल्का बताती हैं कि वह भी सामान्य बच्चों की तरह घर में हाथ बंटाता था। सब्जी लाने, सामान खत्म होने पर बाजार से खरीदारी भी करता। मैं ही उसे काम करने से रोकती। पिता सुभाष जैन की हार्डवेयर की शॉप है। वह बताते हैं कि दुकान पर बैठने से भी उसे गुरेज नहीं था।

पढ़ाई के बीच गाता है गाने

18वीं रैंक हासिल करने वाले मयंक के पढ़ाने का अलग ही फंडा है। वह बताते हैं कि 5-6 घंटे पढ़ाई करते। सिंगिंग के शौकीन मयंक पढ़ाई के बीच फिल्मी गीत भी गाते हैं। ताजगंज निवासी पिता अतेंद्र पाल सिंह ने बताया कि कई बार हम टोकते भी, लेकिन बेटे की प्रतिभा पर भरोसा है। मयंक ने आगरा पब्लिक स्कूल से इंटर में 89 फीसदी अंक प्राप्त किए।

न्यूरोसर्जन बनना चाहता है आशुतोष
आशुतोष ने 19वीं रैंक हासिल की है। एमबीबीएस कर वह न्यूरोसर्जन बनना चाहते हैं। पश्चिमपुरी निवासी पिता राजीव गर्ग और मां नगीना गर्ग बेटे की सफलता पर फूले नहीं समा रहे। सफलता के लिए आशुतोष बताते हैं कि घंटे नहीं टारगेट तय कर पढ़ाई करें।

मेधावियों के पंख दे रही लक्ष्य 30
निमित्त मात्र चैरिटेबिल सोसाइटी की लक्ष्य 30 मेधावियों के पंख दे रही है। 2012 में शुरू हुई संस्था का लक्ष्य मेधावियों को प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कराना है। संस्थापक सदस्य डा. मनोज रावत ने बताया कि इसके लिए लिखित परीक्षा होती है, साक्षात्कार के बाद 30 मेधावी चुने जाते हैं। इनकी पसंद के क्षेत्र की प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी का खर्च संस्था उठाती है। एकेडमिक हेड डॉ. एससी अग्रवाल ने बताया कि अभी तक करीब 90 छात्र विभिन्न प्रतियोगिताओं में सफल हो चुके हैं।
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800 रैंक तक एमबीबीएस में प्रवेश

विशेषज्ञों की मानें तो 800 रैंक लाने वाले छात्रों को एमबीबीएस में प्रवेश मिलने की संभावना है। एससी-एसटी में 350 रैंक लाने पर छात्रों को मौका रहेगा।

प्रदेश में यह सीटों का विवरण
एमबीबीएस:- 1353
बीएएमएस:- 320
बीएचएमएस:- 300
बीयूएमएस:- 80
बीडीएस:- 51

यूपी सीपीएमटी टॉप 10
1- रौनक जैन - आगरा
2- सहर्ष सिंह - नई दिल्ली
3- अजीत धर द्विवेदी - बस्ती
4- वैशाली सिंह - हमीरपुर
5- अक्षय कुमार - मुरादाबाद
6- शिवम - लखनऊ
7- आकांक्षा तिवारी - देवरिया
8- अनिष्का - लखनऊ
9- आयुषी चौधरी - उत्तराखंड
10- मोहम्मद जैब - अम्बेडकरनगर
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