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मोदी की हैदराबाद रैली के लिए नहीं मिले रहे लोग!

Sat, 10 Aug 2013 05:27 PM IST
नई दिल्ली/इंटरनेट डेस्क
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भारतीय जनता पार्टी की हैदाराबाद में रविवार को होने वाली विशाल रैली पर आंध्र प्रदेश के बंटवारे की काली छाया पड़ सकती है।
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रैली को सफल बनाने की लिए पार्टी जी-तोड़ मेहनत कर रही है लेकिन इसकी सफलता की गुंजाइश कम ही दिख रही है, जबकि भाजपा की चुनाव समिति के नवनियुक्त अध्यक्ष नरेंद्र मोदी इस रैली में लोकसभा चुनाव प्रचार का बिगुल फूंकने के मूड में हैं।

फिलहाल ये रैली भाजपा के लिए प्रतिष्ठा का विषय बन गई है। पार्टी ने रैली के लिए समर्थकों से पांच रुपए भी वसूले हैं। लेकिन भाजपा के तेलंगाना राज्य को समर्थन के चलते सीमांध्र और रायलसीमा क्षेत्र से पार्टी को समर्थन नहीं मिल रहा है, जिसके चलते रैली में भीड़ जुटने की संभावना कम हो गई है।
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केंद्र सरकार के अलग तेलंगाना राज्य के फैसले के बाद से ही आंध्र प्रदेश में विरोध और हिंसक प्रदर्शन हो रहे हैं। भाजपा अलग तेलंगाना का समर्थन कर रही है और संयुक्त आंध्र प्रदेश के समर्थक भाजपा के इस रुख से नाराज हैं।

10 से दो हजार हुए लोग
आंध्र के विभाजन के फैसले से पहले एक और दो जुलाई को भाजपा प्रदेश कार्यकारिणी की तिरुपति में बैठक हुई थी। इसमें रायलसीमा के नेताओं और कार्यकर्ताओं को मोदी की रैली के लिए 10 हजार लोगों को जुटाने का निर्देश दिया गया था।

बाद में, तेलंगाना विरोध को विरोध को देखते हुए हैदराबाद में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष और वरिष्ठ नेताओं की उपस्थिति में हुई बैठक में लोगों की संख्या को घटाकर दो हजार कर दिया गया।

दो क्षेत्रों की तर्ज पर भाजपा के तेलंगाना समर्थन के फैसले से रायलसीमा के कार्यकर्ता भाजपा से निराश हैं। वे अपने क्षेत्र में भाजपा विरोध के चलते हैदराबाद बैठक से भी दूर रहे।

सूत्रों के अनुसार भाजपा में उच्च स्तरीय नेता अपने स्थानीय नेताओं और कार्यकर्ताओं को समझाने में असमर्थ रहे हैं। एक अनुमान के मुताबिक मोदी की रैली में रायलसीमा से आने वालों की संख्या 400 या 500 से अधिक नहीं होगी।
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भाजपा के लिए महत्वपूर्ण रैली
भाजपा के लिए हैदराबाद रैली बहुत महत्वपूर्ण मानी जा रही है। यह रैली लंबे समय चर्चा में भी है और इसकी सफलता के लिए बढ़े स्तर पर प्रचार भी किया जा रहा है।

रैली में नरेंद्र मोदी का भाषण सुनने वालों से पांच रुपए लेकर पंजीकरण भी कराया गया है। इस मुद्दे पर जमकर सियासत भी की गई।

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