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इतिहास की सबसे महंगी बेल पाएंगे सुब्रत रॉय!

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सहारा प्रमुख सुब्रत राय सहारा की जेल से रिहाई की संभावना प्रबल होती दिख रही है। अगर सब कुछ ठीक रहा तो अगले हफ्ते सुब्रत राय रिहा हो सकते हैं। सहारा ने शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट को बताया कि जमानत के लिए जरूरी 5000 करोड़ रुपये की बैंक गारंटी का इंतजाम हो चुका है।
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मालूम हो कि जमानत के लिए जरूरी 5000 करोड़ रुपये नकद का एक बड़ा हिस्सा कंपनी पहले ही जमा कर चुकी है। कंपनी की ओर से पेश वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल ने न्यायमूर्ति टीएस ठाकुर की अध्यक्षता वाली पीठ को बताया कि बैंक गारंटी का खाका तैयार हो गया है।

अगले बुधवार तक बैंक गारंटी की प्रक्रिया पूरी हो जाएगी। इसके बाद पीठ ने कंपनी के प्लान को स्वीकार करते हुए बैंक गारंटी और नकद राशि अगले हफ्ते जमा करने की इजाजत दे दी। मालूम हो कि गत वर्ष चार मार्च से सुब्रत राय और कंपनी के दो निदेशक निवेशकों के करीब 24 हजार करोड़ वापस नहीं किए जाने के कारण जेल में हैं।
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24 हजार करोड़ रुपए का करना भुगतान

सेबी की ओर से वरिष्ठ वकील अरविंद दत्तार ने कहा कि कंपनी पर कुल जवाबदेही है, यह मुद्दा कई बार उठ चुका है लेकिन 31 अगस्त 2012 के सुप्रीम कोर्ट का आदेश अब भी कायम है। इस आदेश में कंपनी को अपने निवेशकों को करीब 24 हजार करोड़ रुपये 15 फीसदी ब्याज के साथ देने के लिए कहा गया था।

हालांकि सहारा समूह की ओर से पेश वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल ने कहा कि यह तक यह निर्धारित नहीं हो सका कि कितनी राशि है। अरविंद दत्तार ने कहा कि बाकी बची राशि का भुगतान करने के लिए समय-सीमा निर्धारित होनी चाहिए।

उन्होंने कहा कि यहां तक कि प्रतिभूति अपीलीय न्यायाधिकरण (सैट) ने भी सहारा के पक्ष को नकार दिया था। साथ ही अदालत ने सेबी की उस अर्जी को स्वीकार कर लिया जिसमें उसने कहा था कि अगर सहारा समूह बाकी रकम जमा नहीं करने में असफल रहता है तो बैंक गारंटी को भुनाने की इजाजत दी जाए।
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