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कोर्ट ने किया बे'सहारा', पुलिस हिरासत में सुब्रत रॉय

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सुप्रीम कोर्ट से जोरदार झटका लगने के बाद अब सहारा प्रमुख सुब्रत रॉय की मुश्किलें बढ़ती ही जा रही है। पहले तो वे सरेंडर हुए और फिर पुलिस ने उनको गिरफ्तार कर लिया।
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बाद में जब सुब्रत रॉय की लखनऊ स्थित सीजेएम कोर्ट में पेशी हुई तो वहां भी उन्हें झटका ही लगा। अदालत ने उन्हें 4 मार्च तक पुलिस हिरासत में रखने का हुक्म सुनाया।

इससे पहले उनके वकील राम जेठमलानी ने उनके सरेंडर होने की जानकारी मीडिया को दी थी। उनको अंतरिम राहत देने से सुप्रीम कोर्ट ने पहले ही इंकार कर दिया था।

इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने अवमानना के मामले में पेश न होने की वजह से उनके खिलाफ गैर-जमानती वॉरंट जारी कर दिया था।

लुका-छिपी का खेल

गुरुवार को वह दिन आया, जब पुलिस गैर जमानती वॉरंट की तामील कराने लखनऊ स्थित सहारा श्री सुब्रत रॉय के घर पहुंच गई। हालांकि, घर पर उनको सहारा श्री नहीं मिले थे।

गोमती नगर थाने के एसओ अजीत सिंह चौहान ने बताया था कि सहारा शहर और हॉस्पिटल की तलाशी ली गई, लेकिन सहाराश्री नहीं मिले। पुलिस ने अपनी टीम में महिला कांस्टेबल्स को भी रखा था।

सुप्रीम कोर्ट का शिकंजा

सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को अवमानना के एक मामले में सहारा प्रमुख सुब्रत राय की याचिका खारिज कर दी थी और उन्हें व्यक्तिगत पेशी से छूट देने से इनकार कर दिया था।

न्यायमूर्ति के एस राधाकृष्णन और न्यायमूर्ति जेएस केहर ने न्यायालय के आदेश की अवहेलना करके निवेशकों के 20 हजार करोड़ रुपए न लौटाने को लेकर सहारा प्रमुख को आड़े हाथों लिया है।

लखनऊ में सरेंडर, दिल्ली में सफाई

जिस वक्‍त सहारा प्रमुख पुलिस के सामने सरेंडर कर रहे थे, ठीक उसी वक्त उनके बेटे सुमंतो रॉय ने दिल्ली के ललित होटल में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया, "कानून का पालन करने वाले प्रतिबद्ध नागरिक की तरह सहारा प्रमुख ने शुक्रवार सवेरे लखनऊ पुलिस के सामने सरेंडर कर दिया, ताकि वे लोग अपनी ड्यूटी पूरी कर सकें।"

उन्होंने कहा, "सुब्रत रॉय की मां की तबीयत ठीक नहीं है। यही वजह है कि वह डॉक्टरों से सलाह-मशविरा करने के‌ लिए वह कल सहारा शहर में मौजूद नहीं थे।" लखनऊ पुलिस गुरुवार को गैर जमानती वॉरंट लेकर सहारा शहर स्थित उनके घर पहुंची थी।

सुब्रत के वकील राम जेठमलानी का कहना है कि उन्होंने सरेंडर किया है, लेकिन तकनीकी रूप से अभी कुछ साफ नहीं है, क्योंकि सरेंडर आम तौर पर थाने या कोर्ट में सरेंडर होता है।

लौटाना है निवेशकों का हजारों करोड़

यह मामला निवेशकों का पैसा लौटाने से जुड़ा है। ऐसा कहा जा रहा है कि कंपनी को करीब 20 हजार करोड़ रुपए लौटाने हैं, हालांकि सहारा का कहना है कि वह पैसा लौटा चुका है, लेकिन इससे जुड़े सबूत कोर्ट के सामने नहीं रखे गए हैं।

सुब्रत के बेटे ने जो बयान दिल्ली में दिया, उससे साफ होता है कि वह इमोशनल कार्ड भी खेल रहे हैं। सुमंतो ने कहा, "वह एक देशभक्त व्यक्ति हैं और उसके लिए कुछ भी कर सकते हैं।"

सहारा प्रमुख के वकीलों की तरफ से इस मामले में कुछ खामी भी हुई हैं। उन्होंने इस मामले की सुनवाई पहले कराए जाने की अपील की थी, लेकिन उसे खारिज कर दिया गया। कोर्ट में सुनवाई 4 मार्च को होनी है।
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पहले मांगी थी बिना शर्त माफी

जेठमलानी ने पहले कहा था क‌ि सुब्रत रॉय को व्यक्तिगत पेशी से छूट दी गई थी और वह निर्देशों के मुताबिक भुगतान करने को तैयार है। कल सहारा प्रमुख ने अवमानना मामले में पेश न होने की वजह से बिना शर्त माफी मांगी थी।

उन्हेंने कोर्ट ने मानवीय रुख अपनाने का आग्रह किया था और कहा था कि अंतिम पलों में अपनी मां के साथ रहना चाहते हैं, ऐसे में अदालत को कुछ रियायत दिखानी चाहिए।

लगता है कि कोर्ट को हल्के में लेने की भूल सहारा प्रमुख को अब भारी पड़ रही है। ऐसी आशंका जताई जा रही है कि अदालत उन्हें लेकर सख्त रुख दिखाएगी।
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