एनडीए का हिस्सा बनने के बाद सुब्रह्मणयम स्वामी अब अपनी जनता पार्टी का भाजपा में विलय चाहते हैं।
गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी से स्वामी की मुलाकात को इसी नजरिए दे देखा जा रहा है। स्वामी बृहस्पतिवार को मोदी से मिले। भाजपा महासचिव वरुण गांधी ने भी मोदी से मुलाकात की।
स्वामी की जनता पार्टी नितिन गडकरी के कार्यकाल में पहले ही एनडीए का हिस्सा बन चुकी है। सेतुसमुद्रम परियोजना और टूजी मामले में स्वामी की भूमिका से राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ गदगद रहा है।
सूत्रों के अनुसार अब वे भाजपा में शामिल होना चाहते हैं। लेकिन उनके भाजपा में आने की राह में एक पुरानी व बड़ी बाधा कायम है।
स्वामी ने कभी पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी पर गंभीर आरोप लगाए थे, जबकि भाजपा वाजपेयी को अपना आदर्श पुरुष मानती है।
वाजपेयी को भाजपा का मुखौटा कहने वाले गोविंदाचार्य आज तक पार्टी में लौट नहीं पाए हैं। इसलिए भाजपा स्वामी को गले लगाने से हिचकती रही है।
इसी हिचक को दूर करने के लिए बीच का रास्ता निकाला गया था और स्वामी को सीधे भाजपा में लाने की बजाय एनडीए का हिस्सा बनाया गया था।