जिंदल समूह से 100 करोड़ रुपये उगाही के प्रयास के मामले में जी न्यूज के चेयरमैन सुभाष चंद्रा बुधवार को एक बार फिर चाणक्यपुरी स्थित अपराध शाखा के आईएससी कार्यालय पहुंचे। अपराध शाखा उपायुक्त एसबीएस त्यागी ने बताया कि दिल्ली पुलिस ने जी न्यूज चेयरमैन को पूछताछ के लिए नहीं बुलाया था। वह अपनी इच्छा से अपराध शाखा के कार्यालय में पहुंचे।
जी न्यूज चेयरमैन कुछ समय शाखा कार्यालय में रुके और उसके बाद चले गए। अपराध शाखा के पुलिस अधिकारियों के अनुसार, चंद्रा दोपहर बाद शाखा कार्यालय में पहुंचे। वह अकेले ही आए थे और करीब 30 मिनट तक रहे। जिस समय वह शाखा कार्यालय में आए उस समय कोई सीनियर पुलिस अधिकारी कार्यालय में नहीं था। केवल इंस्पेक्टर स्तर के पुलिस अधिकारी मौजूद थे।
अपराध शाखा कार्यालय से बाहर निकलने के बाद मीडियाकर्मियों से बात करते हुए चंद्रा ने कहा कि पुलिस ने उन्हें पूछताछ के लिए नहीं बुलाया था। उन्होंने बताया कि पुलिस को उनके लंदन के नंबर को लेकर कुछ गलतफहमी थी। वह इस गलतफहमी को दूर करने के लिए आए थे। गौरतलब है कि दिल्ली पुलिस ने 100 करोड़ रुपये उगाही के मामले में जी न्यूज के संपादक सुधीर चौधरी और समीर आहलूवालिया को गिरफ्तार किया था।
संपादकों की अर्जी पर सुनवाई बृहस्पतिवार को
जी न्यूज के संपादक सुधीर चौधरी की अर्जी पर साकेत जिला अदालत में बृहस्पतिवार को सुनवाई होगी। सुधीर चौधरी ने कांग्रेस सांसद नवीन जिंदल की शिकायत पर दर्ज कथित उगाही के मामले की निगरानी करने की मांग की थी।
जी समूह के चेयरमैन सुभाष चंद्रा की अंतरिम जमानत की अवधि भी बृहस्पतिवार को समाप्त हो रही है और उनकी जमानत अर्जी पर भी सुनवाई होगी। एसीएमएम मुकेश कुमार ने कहा कि आज समय का अभाव है। इसलिए सुधारी चौधरी की अर्जी पर भी बृहस्पतिवार को ही सुनवाई होगी।
अपनी अर्जी में सुधीर चौधरी ने आरोप लगाया है कि दिल्ली पुलिस उनके व अन्य तीन के खिलाफ मामले की एकतरफा जांच कर रही है। अदालत ने चौधरी की अर्जी पर 11 दिसंबर को दिल्ली पुलिस को नोटिस जारी कर 19 दिसंबर तक जवाब देने के लिए कहा था।
जमानत पर छूटे सुधीर चौधरी ने अर्जी दायर कर उन सभी मोबाइल फोन कॉल रिकार्ड हासिल करने के लिए कहा था जिनका इस्तेमाल नवीन जिंदल व उनके परिजनों ने जी समूह से बातचीत के लिए किया था। याचि ने नवीन जिंदल, उनके भाई पृथ्वी जिंदल व चाचा सीताराम जिंदल से पूछताछ की भी मांग की थी।
दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने नवीन जिंदल की शिकायत पर सुधीर चौधरी व समीर आहलूवालिया को 27 नवंबर को गिरफ्तार किया था। जिंदल ने जी के संपादकों पर उनके खिलाफ चल रही कोल ब्लॉक की खबरें रोकने के लिए विज्ञापन सौदे के रूप में 100 करोड़ रुपये की मांग करने का आरोप लगाया था।