जिंदल पावर एंड स्टील कंपनी द्वारा दर्ज कराई गई एफआईआर में आरोप लगाया गया है कि 100 करोड़ रुपये की वसूली के षड्यंत्र में जी न्यूज के चेयरमैन सुभाष चंद्रा भी लिप्त हैं। होटल से ही जी न्यूज के संपादक सुधीर चौधरी और समीर अहलूवालिया ने चंद्रा से फोन पर बात की थी। चैनल प्रबंधकों ने वसूली की राशि को विज्ञापन का रूप देने के लिए लिखित अनुबंध भी तैयार किया था।
एफआईआर में आरोप लगाया गया है कि कथित कोयला घोटाले की जो कैग रिपोर्ट संसद में पेश की गई थी उसे आधार बनाकर चंद्रा, चौधरी, अहलूवालिया और जी न्यूज के एमडी पुनीत गोयनका समेत चैनल के अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने जिंदल की कंपनी को ब्लैकमेल करने और प्रतिष्ठा नष्ट करने के षड्यंत्र रचे। इसके तहत आधारहीन खबरें दिखाना शुरू किया गया। चैनल ने 7 से 13 सितंबर तक लगातार गलत स्टोरी चलाई। जब जिंदल स्टील के अधिकारियों ने जी से आधारहीन खबरें न दिखाने को कहा, तो खबरें रोकने की एवज में 20 करोड़ रुपये मांगे गए।
एफआईआर के अनुसार, बाद में चौधरी और अहलूवालिया होटल हयात में जिंदल स्टील के निदेशक-एचआर राजीव भदौरिया से मिलकर कहा कि पहले गलती हो गई थी अब विज्ञापन के रूप में 100 करोड़ रुपये दो। वे पैसे विज्ञापन के रूप में लेने का अनुबंध भी बनाकर लाए थे। बातचीत के दौरान दोनों ने माना कि चंद्रा पूरे तथ्यों से अवगत हैं और उनकी सहमति से ही यह सब किया जा रहा है। जिंदल स्टील कंपनी के प्रबंधकों ने सभी अभियुक्तों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 383, 384, 511 व 120बी के तहत मुकदमा दर्ज कर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।