एयर इंडिया के बोइंग विमान में मिला निष्क्रिय हथगोला मॉक ड्रिल यानी सुरक्षा अभ्यास के दौरान विमान में छूट गया था। मुंबई में 26 सितंबर की रात में इसका अभ्यास हुआ था। इसमें एयर इंडिया और नेशनल सिक्योरिटी गार्ड्स (एनएसजी) ने भाग लिया था।
मॉक ड्रिल में इस्तेमाल निष्क्रिय हथगोले के विदेश तक पहुंचने को गंभीरता से लेते हुए खुद एनएसजी भी इसकी जांच कर रही है। कुछ कमांडो पर लापरवाही के मामले में कार्रवाई हो सकती है।
24 से 27 सितंबर के बीच एनएसजी ने देश के चुनिंदा हवाई अड्डों पर एविएशन से जुड़े लोगों की सतर्कता परखने को मॉक ड्रिल की थी। मुंबई में यह मॉक ड्रिल 26 सितंबर की रात में हुई। मॉक ड्रिल में जिंदा कारतूसों और हथगोलों का इस्तेमाल नहीं किया जाता है। इसमें बिना विस्फोटक वाली यह सामग्री ही इस्तेमाल की जाती है।
लेकिन मॉक ड्रिल में इस्तेमाल निष्क्रिय हथगोले के विमान में विदेश तक पहुंचने जाने का मामला गंभीर है। निष्क्रिय हथगोले पर बीएसएफ की मार्किंग है।
यह हथगोला बीएसएफ के टेकनपुर स्थित टियर स्मोक यूनिट में बना था। सूत्रों का कहना है कि उड़ान भरने से पहले विमान को विभिन्न स्तर पर जांचों और सफाई प्रक्रिया से गुजरना पड़ता है, जिसमें विभिन्न श्रेणियों के कर्मचारी शामिल होते हैं। ऐसे में इन जांचों को अंजाम देने की प्रक्रिया में शामिल लोग भी इस लापरवाही के जिम्मेदार हैं।
पीएम की सुरक्षा में चूक
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अमेरिका यात्रा के लिए विकल्प के तौर पर तैयार किए गए एयर इंडिया के बोइंग विमान में निष्क्रिय हथगोला (डमी स्टन ग्रेनेड) मिलने से सुरक्षा एजेंसियों में हड़कंप मच गया है। नागर विमानन मंत्री अशोक गजपति राजू ने मुंबई से हैदराबाद होते हुए जेद्दा पहुंचे एयर इंडिया के विमान में निष्क्रिय हथगोला मिलने की पुष्टि की है। मामले की जांच के आदेश दिए गए हैं। इस चूक के लिए मुंबई और हैदराबाद में एयर इंडिया के चार सुरक्षा अधिकारियों को निलंबित किया गया है। हालांकि इससे पहले एयर इंडिया ने इसे सिर्फ प्लास्टिक रैपर बताकर मामला दबाने की कोशिश की।
राजू ने कहा कि यह एक स्टन ग्रेनेड था। इसके अंदर कोई विस्फोटक नहीं था। यह हथगोला विमान के बिजनेस क्लास वाले हिस्से में पाया गया। उन्होंने कहा कि भले ही इससे यात्रियों को कोई खतरा नहीं था। लेकिन यह एक भयंकर और अस्वीकार्य चूक है। उन्होंने बताया कि हथगोले पर बीएसएफ का चिह्न है। हो सकता है कि सुरक्षा अभ्यास के दौरान यह निष्क्रिय हथगोला विमान में छूट गया हो। इस बीच मामले में मंत्री के दखल के बाद एयर इंडिया ने जांच के लिए संयुक्त प्रबंध निदेशक और विमानन सुरक्षा आयुक्त की अध्यक्षता में एक समिति गठित की है।
एयरलाइंस और नागरिक विमानन सुरक्षा ब्यूरो की एक संयुक्त टीम को जांच और जवाबदेही तय करने के लिए तत्काल मुंबई भेजा गया है। एयर इंडिया का यह बोइंग-747 विमान शुक्रवार रात मुंबई-हैदराबाद होते हुए जेद्दा पहुंचा था। शनिवार तड़के वहां लैंडिंग के बाद केबिन क्रू ने एयरपोर्ट अथॉरिटी को एक संदिग्ध वस्तु मिलने की जानकारी दी। एयर इंडिया के सीएमडी रोहित नंदन ने बताया कि विमान में मिली संदिग्ध वस्तु हथगोले का प्लास्टिक का रैपर है, जो विमान में सुरक्षा अभ्यास के दौरान इस्तेमाल हुआ था।
हथगोले का ऐसे पता चला
सूत्रों ने कहा कि जब विमान जेद्दा में उतरने वाला था, तभी बिजनेस क्लास की एक सीट के नीचे से प्लास्टिक शीट में लिपटा एक डिब्बा बाहर लुढ़क आया। केबिन क्रू ने इसे देखकर तत्काल पायलट को जानकारी दी। इसके बाद जेद्दा एयर ट्रैफिक कंट्रोल को सूचित किया गया। लैंडिंग के बाद एयरपोर्ट पर विमान को एक अलग स्थान पर ले जाया गया। जहां सुरक्षा कर्मियों ने ग्रेनेड की जांच की और पाया कि इसमें कोई विस्फोटक नहीं है। बाद में विमान को उड़ान की इजाजत दे दी गई।
मोदी के लिए तैयार था यह विमान
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अमेरिका दौरे में उनके नियमित विमान में गड़बड़ी की स्थिति में इसी बोइंग विमान को तैयार रखा गया था। हालांकि, अपने बयान में एयर इंडिया ने इस बारे में कोई टिप्पणी नहीं की है।
एयरलाइंस से जुड़े सूत्रों का दावा है कि यह विमान मोदी के लिए स्टैंड बाई नहीं था, वह कोई दूसरा बोइंग विमान था। मोदी के अमेरिका दौरे के समय जेद्दा गया विमान दिल्ली-फ्रैंकफर्ट रूट पर उड़ान भरता था।