देश और विदेश में काले धन की मात्रा को लेकर तीन साल पहले शुरू किया गया अध्ययन अभी तक पूरा नहीं हुआ है।
पिछली सरकार ने 21 मार्च 2011 को देश और विदेश में जमा अघोषित आय या संपत्तियों के बारे में अनुमान लगाने के लिए अध्ययन की शुरुआत की थी। अध्ययन 18 माह में पूरा किया जाना था।
यह अध्ययन दिल्ली स्थित नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ पब्लिक फाइनेंस और पॉलिसी के साथ नेशनल काउंसिल ऑफ अप्लायड इकोनॉमिक्स रिसर्च और नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फाइनेंशियल मैनेजमेंट मिलकर कर रहे हैं।
वित्त मंत्रालय ने एक आरटीआई के जवाब में कहा है कि यह अध्ययन अभी पूरा किया जाना है।
इसमें कहा गया है कि इस समय इस बारे में और अधिक जानकारी नहीं दी जा सकती, क्योंकि सूचना को आरटीआई कानून की धारा 8 (1) के तहत छूट प्राप्त है।