राजस्थान उच्च न्यायालय ने अपने एक महत्वपूर्ण निर्णय में सरकार में खाली पडे़ बैक लाग पदों पर भर्ती के लिए अनुसूचित जाति एवं जनजाति के सदस्यों का लिखित परीक्षा में अनिवार्य विषयों में न्यूनतम अंक लाना अनिवार्य बताया है।
मुख्य न्यायाधीश अरण मिश्रा एवं न्यायाधीश एनके जैन की खंडपीठ ने यह आदेश याचिकाकर्ता महेंद्र मीणा एवं अन्य की अपील को खारिज करते हुए दिया। मामले के तथ्यों के अनुसार राजस्थान लोक सेवा आयोग ने 9 सितंबर 2008 को लेखाकार, कनिष्ठ लेखाकार एवं तहसील राजस्व लेखाकार के बैक लाग पदों के लिए विज्ञप्ति जारी की थी।
याचिकाकर्ता इस प्रतियोगी परीक्षा में 25 जून 2011 को सम्मिलित हुए। 19 अक्तूबर 2011 को जब परिणाम घोषित किया गया तो याचिकाकर्ता अनिवार्य विषयों में निर्धारित न्यूनतम अंक 35 नहीं ला पाने की वजह से फेल कर दिए गए।