गुजरात विधानसभा चुनाव के पहले चरण के मतदान से ठीक एक दिन पहले मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी ने सरक्रीक का मुद्दा उठाकर कांग्रेस नेतृत्व वाली केंद्र सरकार को घेरने की कोशिश की।
मोदी ने बुधवार को प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर विवादास्पद सरक्रीक क्षेत्र पर पाकिस्तान के साथ बातचीत तत्काल बंद करने को कहा है। साथ ही उन्होंने इस क्षेत्र को पड़ोसी मुल्क को नहीं सौंपने की मांग की।
मोदी ने लिखा है कि सरक्रीक को पाकिस्तान को सौंपे जाने के लिए हुई बातचीत के गंभीर मसले पर पत्र लिख रहा हूं। इलाके के इतिहास और संवेदनशीलता को देखते हुए ऐसा कोई भी प्रयास भारी रणनीतिक भूल होगी। मैं आपसे विनम्रतापूर्वक पाकिस्तान के साथ बातचीत बंद करने का अनुरोध करता हूं और साथ ही सरक्रीक को पाकिस्तान के हवाले नहीं किया जाना चाहिए।
वहीं भाजपा प्रवक्ता निर्मला सीतारमण ने पत्र की जानकारी देते हुए कहा कि चुनाव आचार संहिता के चलते मोदी ने मुख्यमंत्री के तौर पर नहीं बल्कि मामले से चिंतित एक नागरिक के रूप में पत्र लिखा है। हालांकि उन्होंने यह नहीं बताया कि सरक्रीक को पाकिस्तान को सौंपे जाने की सरकार की योजना के बारे में मोदी को कैसे पता चला।
गुजरात के सीएम ने लिखा कि मैं इस वक्त पत्र इसलिए लिख रहा हूं क्योंकि मुझे बताया गया है कि सरक्रीक पर 15 दिसंबर को निर्णय लिया जाने वाला है। पाकिस्तान के गृह मंत्री रहमान मलिक तीन दिवसीय दौरे पर 14 दिसंबर को भारत यात्रा पर आ रहे हैं।
मोदी ने पत्र में जिक्र किया है कि सरक्रीक का मसला 100 साल पहले कच्छ और सिंध के शासकों ने सुलझा लिया था। यहां तक कि 1968 में ब्रिटिश प्रधानमंत्री हैराल्ड विल्सन की अध्यक्षता वाला प्राधिकरण का फैसला भी दिखाता है कि 9000 वर्ग किमी वाले इस सीमाई इलाके के 10 फीसदी हिस्से पर ही पाकिस्तान का दावा बनता है।
पीएमओ ने मोदी के दावे को किया खारिज
प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) ने सरक्रीक को पाकिस्तान को सौंपे जाने संबंधी नरेंद्र मोदी के दावे को खारिज कर दिया है। दावे को शरारतपूर्ण करार देते हुए पीएमओ ने इस मुद्दे को उठाने के वक्त पर भी सवाल खड़े किए हैं।
प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को लिखे मोदी के पत्र के जवाब में पीएमओ ने कहा है कि सरक्रीक को पाक को सौंपे जाने संबंधी आरोप पूरी तरह से गलत हैं। इसके साथ ही उनके अन्य संदर्भ भी सही नहीं हैं। पत्र लिखने के वक्त पर सवाल उठाते हुए पीएमओ ने कहा कि पत्र की सामग्री और इसको सार्वजनिक किए जाने का समय इस मुद्दे के पीछे के उद्देश्य पर सवाल खड़े करते हैं।
चुनाव से एक दिन पहले आधारहीन पत्र भेजना शरारतपूर्ण है। पीएमओ ने कहा कि सरक्रीक पर पाकिस्तान के साथ बातचीत भाजपा नेतृत्व वाली एनडीए सरकार के समय से चल रही है। वहीं दूसरी ओर वित्तमंत्री पी. चिदंबरम ने भी सरक्रीक को पाक को सौंपे जाने संबंधी किसी भी सुझाव को हास्यास्पद बताया और जोर देकर कहा कि कोई भी इसे पड़ोसी मुल्क को सौंपने नहीं जा रहा है।