एक समाचार चैनल ने मंगलवार को कहा कि उसके द्वारा किए गए एक स्टिंग ऑपरेशन में इस बात का खुलासा हुआ है कि चुनाव पूर्व सर्वे करने वाली कई एजेंसियां पैसे के लिए अपने सर्वे के नतीजों में फेरबदल करने को तैयार थीं।
चैनल के इस कथित खुलासे के बाद चुनाव पूर्व सर्वेक्षणों की विश्वसनीयता को लेकर एक बार फिर सवाल उठने लगे हैं।
एक प्रेस कांफ्रेंस में निजी समाचार चैनल न्यूज एक्सप्रेस ने दावा किया कि उसके स्टिंग ऑपरेशन से 11 एजेंसियां बेपर्दा हुई हैं, जो चुनावी सर्वे करवाती हैं।
चैनल ने हालांकि कहा कि चुनावी सर्वेक्षण कराने वाली कुछ एजेंसियों ने संपर्क करने के बावजूद इस बारे में कोई प्रतिक्रिया नहीं दी। वैसे चैनल ने स्पष्ट किया कि इस स्टिंग ऑपरेशन का उद्देश्य किसी को निशाना बनाना नहीं है।
उन्होंने कहा कि दर्शकों को जागरूक करने के लिए यह स्टिंग किया गया है। चैनल ने इस पूरे स्टिंग को इसी नजरिए से देखने की बात कही। उन्होंने अपने स्टिंग में किसी राजनीतिक दल के नाम आने की बात नहीं कही है और न ही उन्होंने किसी खास सर्वे का ही जिक्र किया है, जिसके नतीजे में फेरबदल किया गया हो।
चैनल ने स्टिंग की विस्तृत रिपोर्ट चुनाव आयोग को सौंपने की बात कही है। गौरतलब है कि चुनाव पूर्व सर्वेक्षणों को लेकर प्रमुख राजनीतिक दल एक राय नहीं है। सत्ताधारी कांग्रेस ऐसे सर्वेक्षणों पर कई बार रोक लगाने की मांग कर चुकी है।