राजस्थान में विधानसभा व लोकसभा चुनावों में ऐतिहासिक बहुमत से सत्ता में आई भाजपा का दबदबा अब भी कायम है या नहीं, इसका खुलासा मंगलवार को चार सीटों पर हुए उपचुनाव के परिणाम आने पर हो जाएगा।
हालांकि ऐतिहासिक हार का सामना करनेवाली कांग्रेस भी चारों सीट जीतने का दावा कर रही है। प्रदेश कांग्रेस का कहना है कि कार्यकर्ताओं ने उप चुनाव के दौरान एकजुटता का प्रदर्शन किया है और जातिगत समीकरण भी पार्टी के पक्ष में है। दोनों ही पार्टियां चारों सीट जीतने का दावा कर रही हैं।
राजस्थान में झुंझुंनू की सूरजगढ़, अजमेर की नसीराबाद, भरतपुर की वैर तथा कोटा दक्षिण विधानसभा सीट पर जनता के मत मतपेटी में बंद हो चुके हैं, जिनकी गणना मंगलवार को होगी। चारों सीटों पर मुख्य मुकाबला भाजपा और कांग्रेस पीर्टी के बीच ही है। चारों सीटों पर 23 उम्मीदवारों का भाग्य मंगलवार को सामने आ जाएगा।
इधर, मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे भाजपा और कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष सचिन पायलट व पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत सहित प्रदेशवासियों की निगाहें नतीजों पर लगी हैं।
उप चुनाव में भाजपा की बागडोर वसुंधरा राजे व भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष अशोक परनामी के हाथ रही, तो कांग्रेस की पायलट व गहलोत के हाथ। दोनों पार्टी के मुख्यालयों में सोमवार को कार्यकर्ता व पदाधिकारी जीत-हार की गणित पर चर्चा करते हुए दिखाई दिए।
भाजपा कार्यकर्ता पिछले दोनों चुनावों में रहे परिणामों के कारण भाजपा के पक्ष में माहौल मान रहे हैं, वहीं कांग्रेस कार्यकर्ताओं का कहना था कि भाजपा नेतृत्व की शुरुआत प्रभावी नहीं रही हैं और जनता में सत्ता पार्टी के खिलाफ असंतोष रहा, जिसका फायदा मिलेगा।