अब यूपी में गरीबी तय करने के मानक बदले जाएंगे। बीपीएल वर्ग की सालाना आय की तय सीमा 35 हजार रुपए सालाना की जाएगी। साथ ही रानी लक्ष्मीबाई योजना के तहत पचास लाख लोगों को पेंशन दी जाएगी। राज्य सरकार के समाज कल्याण मंत्री अवधेश प्रसाद ने बताया कि जल्द ही शासनादेश जारी किया जाएगा। वह बुधवार को चंदौसी में गणेश चौथ मेले में रथयात्रा का शुभारंभ करने आए थे।
अमर उजाला से बातचीत में मंत्री ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्र में अभी तक उसी को बीपीएल श्रेणी का माना जाता है, जिसकी आमदनी 19,884 रुपये सालाना है। जबकि शहरी क्षेत्र 25,546 रुपये सालाना कमाई करने वालों को गरीब की श्रेणी में रखा गया है। लेकिन अब इसे बढ़ाकर 35 हजार रुपये करने पर विचार चल रहा है। जल्दी ही इस संबंध में शासनादेश जारी किया जाएगा।
क्या है स्कीम?
बसपा सरकार में शुरू हुई महामाया गरीब आर्थिक मदद योजना को रानी लक्ष्मीबाई पेंशन स्कीम नाम दिया गया है। स्कीम में 18 से 40 साल तक की उम्र के उन लोगों को लाभ दिया जा रहा है, जो गरीब होने के बावजूद किसी सरकारी पेंशन योजना का लाभ पाने की पात्रता में नहीं थे। कैबिनेट मंत्री अवधेश प्रसाद ने गाइड लाइन में बदलाव के संकेत दिए हैं। साथ ही लाभार्थियों की संख्या 50 लाख तक करने की बात कही है।
वजीफा घोटाले में कई और नपेंगे
कैबिनेट मंत्री अवधेश प्रसाद ने कहा कि पिछले साल मुरादाबाद में वजीफा के 26 लाख रुपए का हेरफेर किया गया था। इस मामले में कुछ लोगों को बचाया गया है। शिकायत मिलने के बाद उन्होंने डीएम मुरादाबाद से आख्या मांगी है। सात दिनों के भीतर जांच की रिपोर्ट आएगी, इसके बाद दोषियों पर कार्रवाई होगी।