छठ पूजा पर सोमवार को पटना में गंगा के घाट पर मची भगदड़ में कम से कम 10 लोगों की मौत हो गई। यह हादसा मशहूर अदालतगंज घाट पर तब हुआ, जब बांस का बना एक पुल टूटने के बाद लोगों में भगदड़ मच गई। मरने वालों में एक महिला और चार बच्चे शामिल हैं। बड़ी संख्या में लोग घायल भी हुए हैं। मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका भी जाहिर की जा रही है।
बिहार के मुख्य सचिव एके सिन्हा ने देर रात प्रेस कांफ्रेंस में मृतक संख्या 10 होने की जानकारी दी। हालांकि इससे पहले पटना के एसपी जयंत कांत ने घटना में 14 लोगों के मरने की बात कही थी। वहीं, कुछ मीडिया रिपोर्टों मरने वालों की संख्या 20 तक बताई जा रही है। हादसा शाम सात बजे करीब हुआ। छठ पर सूर्य भगवान को अर्ध्य देने के लिए लाखों की संख्या में श्रद्धालु गंगा के घाटों पर जुटे थे।
छिपते सूर्य को पहला अर्ध्य देने के बाद श्रद्धालु अस्थायी पुल से लौट रहे थे, लेकिन बालू में बांस और बल्लियों से बनाया गया यह पुल श्रद्धालुओं का दबाव नहीं झेल सका। सूत्रों ने बताया कि पुल टूटने के साथ ही बिजली भी गुल हो गई और घाट पर अंधेरा छा जाने से वहांअफरा-तफरी मच गई। लोग बदहवास इधर उधर भागने लगे। घायलों की संख्या 50 से ऊपर बताई जा रही है, उन्हें पटना मेडिकल कालेज समेत विभिन्न अस्पतालों में भर्ती कराया गया है।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने घटना पर गहरा दुख जताते हुए जांच के आदेश दिए हैं। उन्होंने मृतक आश्रितों को दो-दो लाख रुपये का मुआवजा देने का ऐलान भी किया है। कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने भी इस घटना पर दुख जाहिर किया है। वहीं, राजद प्रमुख लालू प्रसाद ने घटना के लिए राज्य सरकार को जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने नीतीश के इस्तीफे की मांग करते हुए कहा है कि राज्य सरकार के इंतजाम नाकाफी थे। लालू ने घटना के दोषियों पर हत्या का मामला दर्ज करने की मांग भी की है।
'हादसा पुल टूटने की वजह से नहीं हुआ है। इस घटना के कारणों की हम जांच करा रहे हैं।'
- नीतीश कुमार, मुख्यमंत्री
छठ पूजा
बिहार में छठ पर्व बड़े धूमधाम से मनाया जाता है। लोग व्रत रखते हैं और कमर तक पानी में खड़े होकर पहले दिन छिपते सूर्य को अर्घ्य देते हैं। अगले दिन उगते सूर्य को अर्घ्य दिया जाता है। लोग सूर्य भगवान से अपने परिवार के लिए उज्ज्वल भविष्य की प्रार्थना करते हैं।
अस्पताल में हंगामा
छठ पर ज्यादातर डॉक्टरों और अन्य नर्सिंग स्टाफ के छुट्टी पर होने से हुई अस्पताल पहुंचे घायलों को मुश्किल हुई। तुरंत इलाज न मिलने और अव्यवस्थाओं के चलते घायलों के तीमारदार भड़क उठे और वहां हंगामा किया।