हमारे देश में रावण बुराई का प्रतीक है और राम अच्छाई के। बुराई को रावण की संज्ञा दी जाती है। वहीं दिलचस्प पहलू यह भी है कि हमारे देश में रावण को महिमा मंडित भी किया गया है। डाक विभाग वर्ष 1976 में रावण पर डाक टिकट भी जारी कर चुका है।
लंकापति रावण को हम सदियों से बुराई का प्रतीक मानते आ रहे हैं। हालांकि ग्रंथों में यह भी उल्लेखित है कि रावण प्रकांड पंडित भी था, लेकिन उसे महापापी भी बताया गया है। विजयदशमी पर्व पर हर साल ‘रावण’ धूं-धूं कर जलता है, लेकिन हमारे यहां रावण को महिमा मंडित भी किया गया है।
टिकट और दुर्लभ चित्रों के संग्रहकर्ता शैलेंद्र वार्ष्णेय ने रावण का टिकट भी अपने पास संजोकर रखा है। उनके मुताबिक डाक विभाग ने वर्ष 1976 में रावण पर दो रुपये का डाक टिकट जारी किया था।