मुरादाबाद के एसएसपी धर्मवीर सिंह ने कांठ बवाल के लिए भाजपा को जिम्मेदार ठहराया है।
शनिवार को कांठ थाने में हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस में पुलिस कप्तान ने कहा कि भाजपा उपचुनाव के लिए दो समुदायों को आपस में लड़ाकर सियासी गेम खेलने की साजिश रची जा रही है।
उन्होंने सीधे तौर पर सांसद सर्वेश सिंह पर आरोप लगाए। कहा कि उनकी ठाकुरद्वारा सीट पर बाई इलेक्शन होना है जिसके लिए लाउडस्पीकर को मुद्दा बनाकर हालात बिगाड़े जा रहे हैं।
'सांसद उठाना चाहते हैं सांप्रदायिक टकराव का फायदा'
शुक्रवार को कांठ में महापंचायत रोकने पर हुए बवाल के बाद शनिवार को एसएसपी धर्मवीर सिंह ने कांठ थाने में प्रेस कॉन्फ्रेंस करके ताजा हालातों की जानकारी दी। पुलिस कप्तान ने बताया कि महापंचायत पर रोक लगाई जा चुकी थी लेकिन भाजपा वाले फिर भी महापंचायत करने पर अड़े थे।
कांठ जाने वाले भाजपा नेताओं को गिरफ्तार किया गया। इसी बीच रेलवे ट्रैक पर भीड़ पहुंची और पुलिस पर पथराव कर दिया। इसमें जिलाधिकारी चंद्रकांत बुरी तरह घायल हुए। कई दूसरे पुलिस अधिकारी भी चोटिल हैं। एसएसपी ने कहा कि बवाल करने वालों में अधिकांश अमरोहा और बिजनौर के थे। 62 लोग गिरफ्तार हो चुके हैं जबकि बाकी की तलाश की जा रही है।
एसएसपी ने कहा कि यह पूरा बवाल भाजपा की देन है। दरअसल ठाकुरद्वारा सीट पर उपचुनाव होना है लिहाजा सांसद सर्वेश सिंह यहां दो समुदायों के बीच टकराव कराकर फायदा उठाना चाहते हैं। सर्वेश सिंह ने ही 16 जून को अकबरपुर चैदरी गांव के मंदिर पर लाउडस्पीकर लगवाया था।
'अपनी हदों को पार कर रहे हैं एसएसपी'
एसएसपी के आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए भाजपा के उत्तर प्रदेश अध्यक्ष डॉ. लक्ष्मीकांत वाजपेयी ने कहा कि मुरादाबाद के एसएसपी अपनी हदों को पार कर रहे हैं। इनका आचरण पुलिस अधिकारी का नहीं समाजवादी पार्टी के प्रवक्ता से भी बढ़कर हो गया है। सरकारी कर्मचारी होते हुए इस तरह का बयान देकर एसएसपी ने मर्यादा तोड़ी है। साथ ही सेवा की शर्तों का भी उल्लंघन किया है। सरकार अगर कांठ में शांति स्थापित करना चाहती है तो एसएसपी को तत्काल निलंबित कर वहां से हटाए। इनके खिलाफ जांच बैठाई जाए। भाजपा पहले से ही कह रही है कि मुरादाबाद के एसएसपी ही इस पूरे विवाद की जड़ में है। एसएसपी के बयान के बाद यह बात पूरी तरह साबित हो गई है। ऐसे पक्षपाती अधिकारी को बरदाश्त नहीं किया जा सकता।
केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा है कि मुरादाबाद जनपद में हुई हिंसा के बारे में अभी कुछ नहीं कह सकते हैं। इस बारे में जानकारी करा रहे हैं। रिपोर्ट आने पर ही उस बारे में कुछ कह सकते हैं।