देश के अगले प्रधानमंत्री के तौर पर शपथ की तैयारी में जुटे नरेंद्र मोदी ने अपने शपथ ग्रहण में शामिल होने के लिए सार्क देशों के राष्ट्राध्यक्षों को निमंत्रण दिया।
जिसमें पाकिस्तान, श्रीलंका समेत सभी सार्क देशों के राष्ट्राध्यक्षों के शामिल होने की रजामंदी मिल चुकी है। इसके साथ ही मोदी के इस कदम का असर भी दिखने लगा है।
मोदी की दावत का असर ही है कि पहले पाकिस्तान और अब श्रीलंका ने नई सरकार से संबंध सुधारने के लिए अपनी सीमा में पकड़े गए भारतीय मछुआरों की रिहाई की तैयारी में जुट गई है।
श्रीलंका का अहम कदम
पाकिस्तान की सरकार ने इसका आदेश भी जारी कर दिया गया है। दूसरी ओर श्रीलंका के राष्ट्रपति महिंद्रा राजपक्षे ने भी मोदी के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल से पहले एक आदेश जारी किया।
श्रीलंका के राष्ट्रपति कार्यालय के एक प्रवक्ता ने बताया कि राजपक्षे ने मोदी के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने से पहले सभी भारतीय मछुआरों को रिहा करने के आदेश दिए हैं।
यह दूसरा मौका है जब श्रीलंका अपनी नौसेना की ओर से पकड़े गए भारतीय मछुआरों को रिहा करेगा।
दूसरी बार श्रीलंका ने उठाया ऐसा कदम
इससे पहले मार्च में जिनेवा में संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद में श्रीलंका के खिलाफ एक प्रस्ताव पर मतदान के दौरान भारत के अनुपस्थित रहने के बाद श्रीलंका के राष्ट्रपति ने भारतीय मछुआरों को रिहा करने के आदेश दिए थे।
भारत उन 12 देशों में शामिल था जो संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद में श्रीलंका के खिलाफ प्रस्ताव पर मतदान के दौरान अनुपस्थित रहे थे।
इस प्रस्ताव में श्रीलंका में कथित मानवाधिकार उल्लंघन के मामलों की अंतरराष्ट्रीय जांच की मांग की गई थी। भारत ने इससे पहले अमेरिका की ओर से श्रीलंका के खिलाफ लाए गए ऐसे ही दो प्रस्तावों का समर्थन किया था।
हालांकि श्रीलंका के मत्स्य मंत्रालय के अधिकारी ये नहीं बता सके कि वर्तमान में उनकी जेलों में कितने भारतीय मछुआरे बंद हैं।