अध्यात्मिक गुरु के तौर पर पहचान बनाने वाले श्री श्री रविशंकर इन दिनों कुर्दिस्तान में हैं। वे ISIS के मुखिया बगदादी से बात करना चाहते हैं। उन्हें विश्वास है कि वे उसे शांति का पाठ पढ़ा पाएंगे।
इराक और सीरीया के हजारों शरणार्थी यहां पर बसे हुए हैं। बगदाद से करीब 400 किलोमीटर दूर कुर्दिस्तान में जो लोग शरणार्थी कैंपों में रह रहे हैं उनकी आखों में है डर और वह मंजर जिसे उन्होंने देखा था।
रविशंकर के साथ यहां पहुंचे उनके भारतीय अनुयायी यहां खाना-पानी आदि बांट रहे हैं। रविशंकर ने यहां रह रहे यजीदी, क्रिश्चन और अरब आदि लोगों से मुलाकात की और उनकी तकलीफें पता कीं।
अध्यात्मिक गुरु ने कुर्दिस्तान के स्पीकर और कुछ सांसदों से भी मुलाकात की है। उनकी वेबसाइट पर दी गई जानकारी के मुताबिक उनकी संस्था 110 टन खाना अभी तक यहां पर बांट चुकी है।
उन्होंने कहा कि जो लोग सोचते हैं कि हिंसा सही रास्ता है, हम उन्हें बताना चाहते हैं कि ये रास्ता ठीक नहीं है। शिविरों में जो लोग रह रहे हैं हम उनकी भाषा तो नहीं समझते लेकिन उनका दर्द ज़रूर समझते हैं।
उनकी वेबसाइट पर दी गई जानकारी के मुताबिक संस्था ने करीब 2000 परिवारों के बीच खाने पीने और साफ सफाई का सामान बांटा।