पूर्व सेना प्रमुख जनरल वीके सिंह का कहना है कि पिछले हफ्ते उनके निवास पर जासूसी उपकरण लगाने की कोशिश के लिए अधिकारी नहीं बल्कि वह लोग दोषी हैं, जिन्होंने उन्हें ऐसा करने के लिए आदेश दिए। महात्मा गांधी से जुड़े स्मृति चिन्हों को एक भारतीय व्यापारी खरीदकर स्वदेश लाया है। इसी के मद्देनजर जनरल सिंह यहां इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर मौजूद थे।
उन्होंने कहा कि मैं किसी अधिकारी या संगठन पर आरोप नहीं लगाऊंगा। मैंने इस संगठन के लिए 42 साल काम किया है। इसके लिए वो लोग जिम्मेदार हैं, जिन्होंने ऐसा करने के निर्देश दिए। यह पूरा मामला संस्था पर हमला है और मीडिया को इस बारे में पता लगाना चाहिए कि आखिर कौन संस्था को नीचा दिखाना चाहता है।
5 जनवरी को जनरल सिंह के दिल्ली स्थित घर पर उस समय हंगामा मच गया था, जब एक सेना का जवान टेलीफोन एक्सचेंज हटाने का बहाना बनाकर उनके घर में घुसा। जबकि जनरल सिंह के परिवार ने उसे स्नूपिंग उपकरण (जासूसी उपकरण) लगाते हुए पकड़ा। इस घटना के बाद सेना ने खेद प्रकट किया था।