तकनीक के बेहतर इस्तेमाल से पीएफ खाताधारकों को लाभ पहुंचाने के लिए कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) खुद में बड़े बदलाव की तैयारी कर रहा है, ताकि आने वाले दिनों में नियोक्ता के जरिए नहीं बल्कि भविष्य निधि खाताधारक से सीधा संपर्क साधा जा सके।
हालांकि इसके लिए संगठन को कई योजनाओं में बदलाव करने होंगे। वहीं तकनीकी जानकारी नहीं रखने वाले पीएफ खाताधारकों के लिए भी सुविधा का नया माध्यम तलाशना होगा।
माना जा रहा है कि ईपीएफओ अलगे एक साल में सभी पीएफ खाताधारकों से सीधे संपर्क का रास्ता तैयार कर लेगा। इस दिशा में पहला महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए संगठन ने यूनीवर्सल एकाउंट नंबर(यूएएन) को अगले माह पेश करने का निर्णय लिया है।
यानी प्रत्येक कर्मचारी के पास अब एक ऐसा नंबर मौजूद होगा जिसका इस्तेमाल कर वह घर बैठे पूरे सेवाकाल में अलग-अलग संस्थाओं में की गई नौकरी की अवधि, स्थान, पीएफ नंबर, पीएफ राशि और खाते के मासिक विवरण की जानकारी हासिल कर सकेगा।
खाताधारकों से जुड़ना चाहता है EPFO
सेवानिवृत्ति के बाद अलग-अलग संस्थाओं से पीएफ ब्यौरा हासिल करने की जरूरत नहीं होगी। इससे काफी कम समय में पीएफ निकासी संभव हो सकेगी। श्रम मंत्रालय के मुताबिक 16 अक्तूबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी यूएएन को आधिकारिक रूप से लांच कर सकते हैं।
ईपीएफओ के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि अगर किसी पीएफ खाताधारक ने जनवरी-जून 2014 के बीच खाता बंद नहीं कराया है या फिर उसका अंशदान रुका नहीं है तो ऐसे ज्यादातर लाभार्थियों का यूएएन जारी किया जा चुका है।
उन्होंने बताया कि अबतक 4 करोड़ 17 लाख पीएफ खाताधारकों का यूएनएन कंपनियों को आवंटित किया जा चुका है। कंपनियों से इसे अपने कर्मचारियों को मुहैया कराने को कहा गया है।
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अधिकारी ने कहा कि जिन खाताधारकों के पास कंप्यूटर की सुविधा नहीं है उनके लिए सी डैक (पुणे) की मदद से नए विकल्प भी ढूंढ रहा है। ताकि मोबाइल के जरिए पीएफ खाते से जुड़ी जानकारियां हासिल हो सकें।
दूर दराज के गांवों या तकनीकी जानकारी में कमजोर लोगों के लिए एसएमएस की सुविधा या फिर टोल फ्री नंबर पर मिस कॉल देकर जानकारी लेने के विकल्पों को शुरू किया जा सकता है।
इसी तरह व्यवसायिक नियमों को सरल बनाने और श्रम मंत्रालय के अधीन आने वाली कंपनियों से इंस्पेक्टर राज खत्म करने के लिए श्रम पहचान संख्या (एलआईएन) वेबपोर्टल को भी अलगे माह पेश किया जाएगा। जांच एजेंसियों के काम में पारदर्शिता लाने और जवाबदेही बढ़ाने के लिए इसे शुरू किया जाएगा।