फैज-ए-आम इंटर कालेज के प्रधानाचार्य और सपा विधायक गुलाम मोहम्मद के पुत्र सारिक मोहम्मद पर चौधरी चरण सिंह विवि ने भी असीम अनुकंपा की है। नियमों को तोड़-मरोड़ कर इसी कॉलेज में बतौर शिक्षक नियुक्ति पाए सारिक को सीसीएसयू ने एक ही साल में दो-दो डिग्री दे दी। जिस साल उन्होंने बीएड किया, उसी साल उन्होंने एमए प्रथम वर्ष की परीक्षा भी उत्तीर्ण की।
हैरत की बात यह कि दोनों ही कक्षाओं का एनरॉलमेंट नंबर एक ही है, पर यह गड़बड़ी नहीं पकड़ी गई। दोनों मार्कशीट की छायाप्रति के साथ इस बाबत मंडलायुक्त से शिकायत की गई तो साथ ही हाईकोर्ट में भी इस प्रकरण को रखा जा रहा है।
क्या है पूरा प्रकरण
फैज-ए-आम इंटर कालेज में 24 मई को चार अध्यापकों की भर्ती के लिए आवेदन मांगे गए थे। 14 जून को इंटरव्यू आमंत्रित किए गए। संस्था अल्पसंख्यक है, इसलिए प्रबंध समिति ने ही इंटरव्यू के बाद नियुक्ति कर दी। नियमानुसार उप्र इंटरमीडिएट शिक्षा अधिनियम 1921 के तहत ही नियुक्ति की जानी थी, पर खेल हो गया। अंग्रेजी प्रवक्ता पद पर सिवालखास से सपा विधायक गुलाम मोहम्मद के पुत्र सारिक मोहम्मद की नियुक्ति कर ली गई।
गुलाम मोहम्मद इसी कॉलेज में प्रधानाचार्य भी हैं। अधिनियम के अध्याय तीन, सेवा की शर्तों में क्रम संख्या चार पर साफ लिखा है कि कोई भी अध्यापक जो प्रबंध समिति के किसी सदस्य या प्रधानाध्यापक या आचार्य का संबंधी है, संस्था में अस्थायी अथवा स्पष्ट रिक्त स्थान पर नियुक्त नहीं होगा। इसमें संबंधियों की भी व्याख्या दी गई। इस प्रकरण पर तनसीर अहमद, आरिफ की याचिका पर हाईकोर्ट ने डीआईओएस को एक माह में इसका निस्तारण करने के आदेश दिए थे।