खुदरा क्षेत्र में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) के मुद्दे पर बसपा और सपा ने लोकसभा से बहिर्गमन किया। सदन में एफडीआई पर मतदान के प्रावधान वाले नियम 184 के तहत हुई चर्चा में वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री आनंद शर्मा के हस्तक्षेप के दौरान बसपा नेता दारा सिंह चौहान ने कहा कि मंत्री उनके दल के सुझावों का संज्ञान नहीं ले रहे हैं। इसलिए उनकी पार्टी के सदस्य सदन से बहिर्गमन कर रहे हैं। इसके बाद उनके साथ बसपा के सभी सदस्य सदन से उठकर चले गए।
शर्मा ने जैसे ही अपना संबोधन पूरा किया तो सपा नेता मुलायम सिंह यादव ने कहा कि उनकी पार्टी की बातों की उपेक्षा की गई है। इसलिए सदन से जा रहे हैं। उनके साथ उनकी पार्टी के सभी सदस्य भी सदन से बहिर्गमन कर गए।
यादव ने मंगलवार को चर्चा के दौरान एफडीआई को किसानों और छोटे व्यापारियों तथा देशहित के खिलाफ बताया था और सरकार से अपने निर्णय को वापस लेने की मांग की थी। चौहान ने भी चर्चा में भाग लेते हुए कहा था कि एफडीआई का फैसला देश को दूसरी बार गुलामी की ओर ले जाने वाला आत्मघाती कदम साबित होगा।
एफडीआई पर पुनर्विचार करे सरकार: शरद
जेडीयू नेता शरद यादव ने बुधवार को लोकसभा में सरकार से आग्रह किया कि उसे रिटेल में एफडीआई के निर्णय पर पुनर्विचार करना चाहिए। यादव ने कहा कि संप्रग सरकार सदन में यह लड़ाई भले ही जीत सकती है, लेकिन इस नीति के दूरगामी परिणाम होंगे।
विपक्ष का सड़क पर उतरने का ऐलान
विपक्ष ने मल्टी ब्रांड खुदरा व्यापार में 51 प्रतिशत विदेशी निवेश की इजाजत को जनविरोधी करार देते हुए लोकसभा में सरकार को चेतावनी दी कि अगर उसने इसे वापस नहीं लिया तो इसके खिलाफ लडा़ई संसद के बाहर सड़कों पर लडी़ जाएगी। मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के वासुदेव आचार्य ने एफडीआई पर मतदान के प्रावधान वाले नियम 184 के तहत सदन में चर्चा को आगे बढा़ते हुए सरकार के इस फैसले को जनविरोधी करार दिया।