आने वाले समय में महिलाएं युद्ध क्षेत्र में मोर्चा लेती दिख सकती हैं। रक्षा मंत्रालय इस पर गंभीरता से विचार कर रहा है।
रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर ने रविवार को वेलिंगकर इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट में सेवानिवृत्त सैन्य अधिकारियों के एक कार्यक्रम में इसकी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मंत्रालय सशस्त्र सेना में शामिल महिलाओं को युद्ध क्षेत्र में भूमिका दिए जाने पर काम कर रहा है।
इस बारे में जल्द ही नीति बना ली जाएगी। इस दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा महिला सशक्तिकरण के लिए चलाए जा रहे अभियानों का भी जिक्र किया।
उन्होंने कहा कि यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है कि हमारे पीएम के ‘बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ’ और ‘सेल्फी विद डॉटर’ जैसे अभियानों को कुछ लोग गंभीरता से नहीं ले रहे हैं, खासकर कथित धर्मनिरपेक्ष लोग।