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सोनिया के इलाज की यात्राओं के खर्च पर राजनीति गरमाई

Wed, 03 Oct 2012 12:55 AM IST
नई दिल्ली/ब्यूरो/एजेंसी
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कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के इलाज की यात्राओं के खर्च पर गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा उठाए सवाल पर कांग्रेस ने हमलावर तेवर अपना लिए हैं। उसके मंत्री और नेता मोदी को ‘नाजी’ और ‘असंतुलित’ तक बताने से नहीं चूक रहे। जबकि भाजपा मोदी के पक्ष में उतर आई है।
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वैसे यह दुर्लभ राजनीतिक परिदृश्य है जब मोदी बैकफुट पर दिख रहे हैं। अपने मीडिया मैनेजरों द्वारा पेश दस्तावेज को जैसर की जनसभा में सोमवार को लहराने के बाद मंगलवार को उन्होंने माना कि यदि उन्हें दी गई सूचना गलत थी तो वह सबके सामने ‘गलती’ स्वीकार लेंगे। जबकि कांग्रेस का कहना है कि उन्हें ‘माफी’ मांगना चाहिए। वैसे तमाम विवाद के बीच कांग्रेस मोदी के सवाल का कोई सीधा जवाब नहीं दे रही है।

मोदी के आरोपों पर कांग्रेस महासचिव दिग्विजय सिंह ने कहा है कि गुजरात दंगों पर उन्होंने देश से माफी नहीं मांगी तो हमसे क्या मांगेंगे। जबकि केंद्रीय मंत्री कपिल सिब्बल ने यहां तक कह दिया कि मोदी का मानसिक संतुलन खराब हो गया है।
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उधर भाजपा ने मोदी का समर्थन करते हुए कहा है कि कांग्रेस अगर मोदी के सवाल पर गंभीर है तो उसे सोनिया की यात्रा और इलाज खर्च का ब्यौरा देश को देना चाहिए। यदि सरकारी खजाने से खर्च नहीं हुआ तो साफ कहना चाहिए। भाजपा के इस रुख को कांग्रेस ने ‘सस्ती राजनीति’ करार दिया है।

दरअसल, मोदी ने जिस आरटीआई कार्यकर्ता की अर्जी का हवाला देते हुए आरोप लगाया था, उसने ऐसी कोई जानकारी मिलने से इंकार किया है। वहीं अखबार ने कहा कि उसने ऐसी कोई रिपोर्ट नहीं छापी। कांग्रेस प्रवक्ता मनीष तिवारी ने कहा है कि अखबार और आरटीआई कार्यकर्ता के इंकार के बाद सवाल है कि मोदी किस आधार पर आरोप लगा रहे थे। उन्होंने कहा कि मोदी ‘सफेद झूठ’ बोल रहे हैं। वहीं दिग्विजय ने मोदी से पूछा है कि उन्होंने अपनी चीन यात्रा में किस का हवाई जहाज इस्तेमाल किया था?

आरटीआई कार्यकर्ता के इनकार के बाद मोदी नरम पड़े हैं। उन्होंने कहा है कि मैंने एक अखबार की खबर के आधार पर यह बात कही थी। अगर खबर गलत निकलती है तो मैं सार्वजनिक  रूप से गलती मांग लूंगा। मगर उन्होंने यह भी कहा है कि कांग्रेस पार्टी सोनिया गांधी के इलाज और विदेशी दौरे पर खर्च को सार्वजनिक करने से कतरा क्यों रही हैं? मोदी-कांग्रेस की इस सीधी लड़ाई में भाजपा के कूदने के बाद यह तय हो चुका है कि आगामी गुजरात विधानसभा चुनावों में आरोप-प्रत्यारोपों के कई शब्द बाण दोनों तरफ से चलेंगे।

कांग्रेस बताए खर्च: भाजपा
कांग्रेस जिस ढंग से इस मुद्दे को भटकाने की कोशिश कर रही है, हम उसकी निंदा करते हैं। मोदी ने मीडिया सूत्रों के हवाले से सवाल उठाया था। यदि कांग्रेस वाकई सवाल के प्रति गंभीर है तो उसे बताना चाहिए कि सोनिया के इलाज पर कितना खर्च हुआ? यदि इस पर सरकारी खजाने से खर्च नहीं हुआ तो भी साफ कहना चाहिए।- निर्मला सीतारमन, भाजपा प्रवक्ता

नाजी परंपरा में मोदी की ट्रेनिंग: दिग्विजय
आरएसएस अपने लोगों को नाजी अंदाज में ट्रेनिंग देता है। वह सिखाता है-झूठ बोलो जोर से बोलो और बार बार बोलो। क्या आपको यह अंदाज हिटलर और गोएबल्स की याद नहीं दिलाता? संघ, भाजपा और मोदी के इरादे अच्छे नहीं हैं। वह स्वास्थ्य जैसे मुद्दे पर राजनीति करने से बाज नहीं आ रहे।

नरेंद्र मोदीः पहले हमला
हिसार (हरियाणा) के एक युवक की आरटीआई पर एक अखबार में रिपोर्ट छपी है कि सरकार ने सोनिया गांधी के इलाज की यात्राओं पर तीन साल में 1880 करोड़ रुपये सरकारी खजाने से खर्च किए।-जैसर की जनसभा में सोमवार को

अब बैकफुट पर मोदी
मैंने जो कहा था वह एक अखबार की रिपोर्ट पर आधारित था। यदि मुझ तक पहुंची सूचना गलत थी, तो मैं सार्वजनिक रूप से इस गलती को स्वीकार कर लूंगा। लेकिन भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई जारी रखूंगा।-जूनागढ़ की रैली में मंगलवार को

क्या सोनिया देंगी जवाब
सोनिया गांधी बुधवार से गुजरात के चुनावी महासमर में कांग्रेस की ओर से शंखनाद करेंगी। बेहद अहम माने जा रहे इन चुनावों में सोनिया सबसे पहले राजकोट पहुंचेंगी। मोदी द्वारा किए गए हमले के जवाब में सोनिया क्या कहेंगी, सबकी नजरें इस बात पर है। जानकारों के अनुसार पिछले कुछ समय से आक्रामक रूप में नजर आने वाली सोनिया रैली में सीधे भी मोदी के उनके इलाज खर्च पर उठाए गए सवालों का जवाब दे सकती हैं।
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