कांग्रेस ने पार्टी प्रमुख सोनिया गांधी की 2016 में रिटायर होने की अटकलों को बुधवार को सिरे से खारिज कर दिया और कहा कि देश और पार्टी को उनका दूरदर्शी नेतृत्व चाहिए।
पार्टी की ओर से यह प्रतिक्रिया एक पुस्तक में किए गए उस दावे के बाद आई है जिसके मुताबिक सोनिया ने अपने पिछले जन्मदिन पर कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं के साथ बातचीत के दौरान सत्तर साल की उम्र यानी 2016 में रिटायर होने की मंशा जाहिर की थी।
पार्टी प्रवक्ता पीसी चाको ने कहा कि सोनिया गांधी पूरी सक्रियता से पार्टी और देश का मार्गदर्शन कर रही हैं। उन्होंने कहा कि वह पुस्तक व उसके दावों से वाकिफ नहीं हैं, मगर पार्टी और देश को सोनिया के नेतृत्व की जरूरत है।
किताब ‘24 अकबर रोड’ के नवीन संस्करण में कहा गया है कि सोनिया गांधी ने 9 दिसंबर, 2012 को अपने पिछले जन्मदिन पर पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के बीच जब अपनी रिटायरमेंट की बात कही तो वे अवाक रह गए और इस घोषणा से निराश नेताओं ने उनसे गुजारिश की कि वह राहुल गांधी को काम संभालने दें।
किताब के अनुसार 42 वर्षीय राहुल को मनाने के प्रयास किए गए लेकिन वे कामयाब नहीं हुए। यहां तक कि प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने भी राहुल को केबिनेट में आने की पेशकश दोहराई थी।