अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की बैठक में राहुल गांधी को प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार बनाने के मु्द्दा ही छाया है। तालकटोरा स्टेडियम 'राहुल-राहुल' के नारों से गूंज रहा है।
कांग्रेस के सैंकड़ों कार्यकर्ता राहुल गांधी को प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार न बनाने के कांग्रेस कार्यसमिति के निर्णय को स्वीकार करने के मूड में नहीं दिख रहे हैं।
कांग्रेस अध्यक्षा सोनिया गांधी ने आज अपने भाषण के आरंभ में कार्यकर्ताओं को समझाया कि अंतिम निर्णय लिया जा चुका है। अब इसमें बदलाव नहीं किया जाएगा।
सोनिया के भाषण के बाद भी कार्यकर्ताओं का शोर नहीं थमा, जिसके बाद राहुल गांधी ने मंच पर आकर कहा, 'जो मेरे दिल में है और जो मैं सोच रहा हूं वह आपको बता दूंगा। अभी आप बैठक चलनें दें।'
सोनिया ने भाजपा पर साधा निशाना
उम्मीद के मुताबिक, सोनिया गांधी के भाषण में भाजपा ही निशाने पर रही। सांप्रदायिकता को देश के लिए सबसे बडा खतरा करार देते हुए उन्होंने भजापा को समाज को बांटने वाली और हिंसा भड़काने वाली पार्टी बताया और कहा कि अगला चुनाव धर्म निरपेक्ष परंपरा को बचाने की जंग साबित होगा।
सोनिया गांधी ने कहा कि पार्टी अपनी परंपरा पर कायम रहते हुए प्रधानमंत्री पद के लिए उम्मीदवार की घोषणा नहीं करेगी।
भाजपा पर सीधा वार करते हुए सोनिया ने कहा कि मुख्य विपक्षी दल का रास्ता समाज को बांटने, कट्टरता और द्वेष फैलाने और हिंसा भड़काने का है।
उन्होंने कहा कि इस विचारधारा को कभी स्वीकार नहीं किया जा सकता और हमने इसके खिलाफ हमेशा संघर्ष किया है।
विधानसभा चुनावों की हार पर भी बोलीं
हाल के विधानसभा चुनावों में चार राज्यों में पार्टी की करारी हार के संदर्भ में उन्होंने कहा, 'हमने अपने लंबे रंग-बिरंगे इतिहास में अनेक उतार चढाव देखे हैं। हमने जीत भी देखी है और हार भी झेली है। राजनीति में इससे बचा नहीं जा सकता।'
उन्होंने पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं से आने वाली चुनौतियों का डंटकर मुकाबला करने का आह्वान करते हुए कहा कि पार्टी को जीवंत बनाये रखना और बदलती परिस्थितयों में जोरदार तरीके से आगे बढाना हमारी खूबी रही है।
कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि चाहे जीत हुई हो या हार कांग्रेस ही अकेली ऐसी पार्टी है जो हर गांव और मोहल्ले में साफ-साफ मौजूद हैं।
सोनिया ने कहा कि यह बैठक स्पष्ट संकेत देने के लिए हैं कि कांग्रेस 2014 के लोकसभा चुनावों के लिए पूरी तरह तैयार है।
'एआईसीसी में चाय बेच सकते है मोदी'
इससे पहले कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मणिशंकर अय्यर ने भाजपा प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी पर चुटकी लेते हुए कहा है कि वह प्रधानमंत्री तो नहीं बन सकते हैं लेनिक यदि वह चाय बेचने का अपना शौक पूरा करना चाहते हैं तो अखिल भारतीय कांग्रेस समिति के अधिवेशन में उनका स्वागत है।
अय्यर ने कहा मोदी 21 वीं शताब्दी में तो देश के प्रधानमंत्री नहीं बन सकते हैं.किंतु यहां चाय बांटने का काम है, वे चाहे तो कर लें। हालांकि अय्यर के बयान से यूपीए की सहयोगी नेशनल कांफ्रेंस भी नाराज दिखी।
जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने ट्विटर पर कहा कि भले ही मोदी को लेकर तमाम नकारात्मक चीजें हैं लेकिन इसके बावजूद मोदी का एक अत्यंत गरीब परिवार से ऊपर आना सकारात्मक भी है। उनका माखौल उड़ाकर हम अपने अभियान को आगे नहीं बढा सकते हैं। भाजपा ने अय्यर के बयान को सामंती बनाया।