गैंगरेप घटना के बाद पूरे देश के फूटे गुस्से के बाद महिलाओं के खिलाफ अपराध रोकने संबंधी कानूनों में सुझाव देने को गठित कमेटी के अध्यक्ष पूर्व चीफ जस्टिस जेएस वर्मा ने खुलासा किया कि आधी रात को कांग्रेस से सुझाव मिलने के मामले पर पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी ने खुद उनसे माफी मांगी।
23 जनवरी को अपनी रिपोर्ट पेश करने वाले जस्टिस वर्मा ने बताया कि आधी रात को एक व्यक्ति उनके घर पर आया और मुझे जगाकर कानून संबंधी कांग्रेस पार्टी के सुझाव देने की कोशिश करने लगा। इस मामले की जानकारी कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी को जैसे ही मिली, उन्होंने तुरंत मुझे फोन कर के बड़ी विनम्रता से माफी मांगी। मैंने उनसे कहा कि आप ऐसा न करें।
जस्टिस वर्मा ने बताया कि समिति के गठन में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और वित्त मंत्री पी चिदंबरम ने अहम भूमिका निभाई है जबकि गृहमंत्री सुशील कुमार शिंदे से अब तक उनकी एक बार भी कोई बात नहीं हुई है। उन्होंने बताया कि वित्त मंत्री के फोन पर किए गए आग्रह को स्वीकार करने के बाद ही मैंने इस समिति का अध्यक्ष बनने का निर्णय लिया था।
जस्टिस वर्मा ने अपनी रिपोर्ट में बलात्कारी के लिए फांसी की सजा की सिफारिश न करते हुए उम्रकैद की वकालत की है। इस बारे में उन्होंने कहा कि कई महिला संगठन फांसी के खिलाफ थे। अगर इस जघन्य अपराध के बाद किसी महिला की मौत हो जाती है, तो आरोपी के खिलाफ अपने आप ही हत्या का मामला दर्ज होता है। इसलिए फांसी की सजा का प्रावधान तो बरकरार है ही।