वित्त मंत्री पी चिदंबरम के चुनावों से ‘भागने’ के आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए उनके बेटे कार्ति चिदंबरम ने कहा है कि भाजपा को इस तरह की टिप्पणी करने का कोई अधिकार नहीं है।
उन्होंने कहा, ‘यह कहना सही नहीं है कि मेरे पिता चुनाव लड़ने से भाग रहे हैं और वह हार से डर गए हैं। भाजपा प्रवक्ता निर्मला सीतारमन को इस मामले में बोलने का कोई अधिकार नहीं है क्योंकि वह खुद कभी चुनाव नहीं लड़ी हैं।’
तमिलनाडु की शिवगंगा सीट से मौजूदा सांसद पी चिदंबरम की जगह उनके बेटे कार्ति चिदंबरम को टिकट दिया गया है। इस पर भाजपा प्रवक्ता निर्मला सीतारमन ने टिप्पणी की थी कि जो व्यक्ति यूपीए के 10 साल के शासनकाल में से सात साल तक वित्त मंत्री रहा, चुनाव नहीं लड़ रहा है। वह चुनाव लड़ने से भाग रहे हैं। वह लोगों का सामना करने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहे हैं।
'मेरे पिता सात बार जीत चुके हैं चुनाव'
कार्ति ने कहा, ‘मेरे पिता ने इस सीट पर लगातार सात बार चुनाव जीता है। 1977 से वह यहां से नौ बार चुनाव लड़ चुके हैं।’ पहली बार चुनाव लड़ रहे इस युवा नेता ने इस थ्योरी को भी नकार दिया कि तमिलनाडु में किसी भी पार्टी के साथ गठबंधन न करने की वजह से कांग्रेस काफी कमजोर पड़ चुकी है।
अपने प्रचार पर फोकस करते हुए उन्होंने कहा कि शिवगंगा में कड़ी मेहनत के बाद कांग्रेस ने अपनी स्थिति मजबूत की है। मेरे पिता ने समग्र विकास पर फोकस रखते हुए बहुत सारी कल्याणकारी योजनाएं चलाईं।
कार्ति ने कहा, ‘मैं अपनी पार्टी की मजबूत स्थिति के साथ चुनाव लड़ूंगा। हम वह सब काम दिखाएंगे, जिसकी वजह से लोगों की जिंदगी बदल गई। हमने निर्वाचन क्षेत्र में लोगों के हितों को ध्यान में रखते हुए कई कल्याणकारी योजनाएं चलाईं।’ उन्होंने साथ ही यह भी बताया कि वह अन्नाद्रमुक शासन की खामियों को भी लोगों के सामने रखेंगे।
चिदंबरम पर भाजपा का सियासी हमला
वित्त मंत्री पी चिदंबरम के चुनाव न लड़ने को लेकर भाजपा ने कांग्रेस पर सियासी हमला बोला। भाजपा ने कहा कि देश की अर्थव्यवस्था को बर्बाद करने के बाद हार के भय से चिदंबरम ने मैदान छोड़ा है। भाजपा प्रवक्ता निर्मला सीतारमण ने कहा कि लोकसभा चुनाव की दौड़ से चिदंबरम का अलग होना कांग्रेस की बदहाली को बयां कर रहा है। उसके वरिष्ठ नेता हार की डर से चुनाव लड़ने से कतरा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि यूपीए के 10 साल के शासन में सात वर्षों तक वित्त मंत्री रहने वाला व्यक्ति चुनाव लड़ने से मना कर रहा है। उनका चुनाव न लड़ना इस बात को पुख्ता करता है कि वह चुनाव से भाग रहे हैं।
उन्होंने कहा कि मतदाताओं के सवालों से बचने के लिए ही चिदंबरम मैदान से हट गए। उन्होंने दावा किया कि चुनाव नहीं लड़ने का चिदंबरम का निर्णय कांग्रेस की खराब स्थिति को दर्शा रहा है। चिदंबरम के चुनाव नहीं लड़ने के फैसले के बाद कांग्रेस ने उनके बेटे कार्ति चिदंबरम को तमिलनाडु के शिवगंगा से उम्मीदवार बनाया है।