मां-बाप के प्यार और परवरिश पर प्रेमिका की मोहब्बत भारी पड़ गई। जिस उम्र में मां-बाप को सबसे ज्यादा बेटे की मदद की जरूरत थी, उस उम्र में बेटे ने उनका गला घोंट दिया। अपने ही कलेजे के टुकड़े ने उन्हें मौत दे दी।
मां-बाप की बस इतनी सी गलती थी कि बेटे की मोहब्बत को मानने के लिए वो तैयार न थे। बेटा जिस लड़की से प्यार करता था उसे बहू बनाने से उन्होंने इनकार कर दिया था।
मां-बाप के रुख से नाराज बेटे ने दोनों को मारकर कमरे में रख दिया और उन्हें अपने बगीचे में दफन करने की तैयारी में था लेकिन उसके जुर्म से पर्दा उठ गया और वह मंगलवार सुबह पुलिस की गिरफ्त में आ गया। मामला कोलकाता का है।
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टीओआई में छपी खबर के अनुसार, 38 वर्षीय सोभान सरकार साहेबबगान कॉलोनी में पिता परेश (78) और मां ऊषा रानी (65) के साथ रहता था। उसका बड़ा भाई प्रदीप दिल्ली में इंजीनियर है और बहन पास में ही सरकार हाट में रहती है। सोभान बेरोजगार है।
जांच अधिकारी ने बताया कि सोभान का चचेरा भाई सुब्रत सरकार मंगलवार सुबह उसके घर आया। उसने बताया कि घर का दरवाजा बाहर से बंद था तब उसने सोभान से उसके मां-बाप के बारे में पूछा। तो उसने बताया कि वे जलपाईगुड़ी में एक रिश्तेदार के यहां गए हैं।
तभी सुब्रत ने सीढ़ियों पर खून और बाल देखे। इसके अलावा उस समय बगीचे में दो लोग एक गड्ढा खोद रहे थे। अन्य पड़ोसियों के साथ ही सुब्रत को पहले से ये पता था कि सोभान के रिश्ते मां-बाप से खराब हैं। संदेह होने पर उसने सोभान की बहन को बुलाया।
बहन से सामना होने पर सोभान ने अपना जुर्म कुबूल कर लिया। उसने बताया कि सोमवार सुबह नौ बजे मां जब पूजा कर रही थी तभी उसने चाकू से उस पर हमला कर दिया, घटनास्थल पर ही उसकी मौत हो गई।
फिर उसने टीवी देख रहे पिता को भी जान से मार डाला। उसके बाद दोनों शवों को बांधा, खून के निशान साफ किए और फिर खाना खाया।
संयुक्त पुलिस आयुक्त (अपराध) पल्लव कांति घोष ने बताया कि अगले दिन मंगलवार सुबह उसने दो मजदूरों को बगीचे में गड्ढा खोदने के लिए बुलाया था। तब उसने पड़ोसियों को बताया था कि यहां पानी की टंकी बनवानी है। उस पर हत्या का मामला दर्ज किया गया है।