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केजरीवाल के लिए आफत बने भारती

Wed, 05 Feb 2014 01:40 PM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, दिल्ली
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दिल्ली के कानून मंत्री सोमनाथ भारती को लेकर आम आदमी पार्टी और उसके संयोजक अरविंद केजरीवाल की एक मुसीबत खत्म होती है, तो दूसरी खड़ी हो जाती है। लेकिन सोमनाथ हैं कि अपनी हरकतों और विवादित बयानों से बाज नहीं आ रहे।
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राजधानी के खिड़की एक्सटेंशन इलाके में रात के वक्त उनकी अगुवाई में मारा गया छापा दिल्ली सरकार के लिए सिरदर्द बन गया था। मामला दिल्ली महिला आयोग पहुंचा, तो वहां न पहुंचकर कानून मंत्री ने नया बखेड़ा कर दिया।

अब जब ऐसा लग रहा था कि यह मामला धीरे-धीरे दब रहा है, तो सोमनाथ भारती ने एक ऐसा बयान देकर फिर इस आग को भड़का दिया है, जिस पर विदेश मंत्रालय की त्योरियां भी चढ़ गई हैं।
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भारतीय दूतावास पर गंभीर इल्जाम

दो सप्ताह पहले खिड़की एक्सटेंशन में युगांडा की कुछ महिलाओं पर आधी रात के वक्‍त मारी गई रेड सोमनाथ भारती के लिए जी का जंजाल बन गई थी। लेकिन ऐसा लगता है कि इस विवाद से उन्होंने कोई सबक नहीं लिया है।

मंगलवार को सोमनाथ ने दावा किया कि युगांडा में भारतीय दूतावास और भारत स्थित युगांडा का दूतावास भी वेश्यावृति रैकेट में शामिल है। उन्होंने आरोप लगाया कि दिल्ली पुलिस भी इसमें साझेदार है, इसलिए कोई कदम नहीं उठा रही।

युगांडा की तीन महिलाओं की शिकायत के आधार पर मालवीय नगर थाने में दर्ज मामले का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि उन्होंने वेश्यावृति और ड्रग रैकेट से पर्दा हटाने की कोशिश की, इसलिए उन पर हमला बोला गया।

जांच नहीं करता दूतावासः सोमनाथ

दरअसल, सोमवार को इन महिलाओं को डिस्ट्रिक्ट कमिश्नर के ऑफिस ले जाया गया था, जहां उन्होंने अपने बयान दर्ज कराए और इस आधार पर अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया।

सोमनाथ भारती के मुताबिक अपनी शिकायतों में कहा गया है कि महिलाओं ने कथित तौर पर कहा है कि उन्हें नौकरी देने का वादा कर यहां लाया गया था, लेकिन बाद में वेश्यावृति में धकेल दिया गया।

इसे लेकर सोमनाथ भारती ने भारतीय और युगांडा के दूतावासों को भी लपेट दिया। उन्होंने कहा, "युगांडा में भारतीय दूतावास इस बात की पुष्टि क्यों नहीं करता कि अकेली लड़कियां यहां क्यों आ रही है। दूसरे मुल्कों में आपको आने का कारण और वीजा हासिल करने के लिए जुटाई गई रकम का स्रोत दिखाना पड़ता है, लेकिन ये लोग कुछ नहीं पूछते।"

थम नहीं रहा खिड़की एक्सटेंशन का बवाल

दिल्ली के कानून मंत्री ने कहा, "जिस समस्या से मैं पर्दा हटाने की कोशिश कर रहा हूं, वह हजारों सोमनाथ भारती से कहीं ज्यादा है...इन रैकेटयर्स के पक्ष में काफी ताकतवर लोग रहते हैं। वे इस मामले से ध्यान हटाने के लिए सब कुछ करते हैं।"

मंत्री ने कहा कि उन्होंने नस्लवाद के आरोप लगने के बाद अपने विधानसभा क्षेत्र में इंडो-अफ्रीकन कोऑर्डिनेशन कमेटी के गठन का मशविरा दिया था। उन्होंने कहा, "मुझे 31 जनवरी को इस कमेटी की मीटिंग में बुलाया गया था और लोग यह देखकर काफी खुश थे कि कोई है जो उनकी समस्याओं को समझता है।"

कानून मंत्री का कहना है कि उन्होंने इस बैठक में कहा था कि जब भी कोई वेश्यावृति में धकेलने की कोशिश करे, इसकी जानकारी दी जानी चाहिए। उन्होंने कहा, "मैंने उन्हें कहा था कि जब कभी कोई वेश्यावृति के लिए दबाव डाले, तो मुझे जानकारी दीजिए।"

पासपोर्ट पर कब्जा करने का आरोप

सोमनाथ भारती का दावा है कि इन तीनों महिलाओं ने कोऑर्डिनेशन कमेटी से संपर्क साधा था और इसके जरिए वे डिप्टी कमिश्नर तक पहुंचीं। उन्होंने कहा, "वे पुलिस पर भरोसा नहीं करते।"

कानून मंत्री ने कहा, "वे पुलिस पर भरोसा नहीं करते। स्‍थानीय लोगों ने इन महिलाओं से मुलाकात की और यह मामला मेरे ध्यानार्थ लाया गया। उन्होंने मुझे बताया कि वे नर्क में जिंदगी बसर कर रही हैं।"

भारती के मुताबिक इन युवतियों ने प्रशासन को जानकारी दी कि इलाके का सबसे बड़े दलाल ने उनके पासपोर्ट अपने पास रखे हैं और नाइजीरिया के लड़के ड्रग्स से जुड़ा रैकेट चला रहे हैं।
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मंत्रालय ने आरोप को बताया बकवास

शहरी विकास मंत्री मनीष सिसोदिया ने भी मंगलवार को इस मुद्दे पर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा, "जो लोग आधी रात को छापा मारने को लेकर भारती को विलेन के तौर पर पेश कर रहे थे, वे अब खुद देख सकते हैं कि क्या चल रहा है?"

सिसोदिया ने कहा, "इन महिलाओं को पुलिस में कोई भरोसा नहीं है और अपने युगांडा दूतावास पर भी ऐतबार नहीं है। इन्होंने मदद और सुरक्षा के लिए कानून मंत्री से संपर्क साधा। इनके पासपोर्ट ले लिए गए हैं।"

इस बीच विदेश मंत्रालय ने मंगलवार को युगांडा के डिप्लोमेटिक मिशन सये आग्रह किया‌ किया कि इन तीनों महिलाओं को कोंसुलर सर्विसेज मुहैया कराई जाएं। भारतीय दूतावास के इस मामले में शामिल होने के आरोप पर प्रतिक्रिया देते हुए विदेश मंत्रालय के अधिकारियों ने इस बकवास बताया है।
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