भाजपा से निष्कासित सांसद राम जेठमलानी ने शुक्रवार को भाजपा के उन नेताओं की कड़ी आलोचना की जो गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी का विरोध कर रहे हैं।
जेठमलानी ने कहा कि मोदी का विरोध वहीं लोग कर रहे हैं जो खुद प्रधानमंत्री बनने की इच्छा नहीं छोड़ पा रहे हैं।
भाजपा में मोदी विरोध के बारे में पूछे जाने पर जेठमलानी ने कहा कि पार्टी में कई लोग हैं जो प्रधानमंत्री बनने की इच्छा पाले बैठे हैं। इन लोगों को अपनी इच्छाओं (प्रधानमंत्री बनने की) पर अब तक काबू पा लेना चाहिए था, लेकिन ऐसा हो नहीं सका है।
वरिष्ठ एडवोकेट जेठमलानी को भाजपा ने पार्टी नेतृत्व की आलोचना करने और तत्कालीन अध्यक्ष नितिन गडकरी को पद से हटाने की मुहिम चलाने को लेकर पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से छह साल के लिए निष्कासित कर दिया था।
गौरतलब है कि भाजपा चुनाव अभियान समिति के प्रमुख बनाए जाने के बाद से मोदी को पार्टी के अंदर विरोध का सामना करना पड़ रहा है।
मोदी को अमेरिकी वीजा नहीं देने के संबंध में कुछ सांसदों द्वारा वहां के राष्ट्रपति बराक ओबामा को पत्र लिखे जाने के बारे में पूछे जाने पर जेठमलानी ने कहा कि इससे कोई फर्क नहीं पड़ने वाला, क्योंकि मोदी ने अब लोगों के दिलों में जगह बना ली है।
नोबेल पुरस्कार विजेता अर्थशास्त्री अमर्त्य सेन ने कहा था कि वह नहीं चाहते कि मोदी प्रधानमंत्री बनें। इस बारे में पूछे जाने पर जेठमलानी ने कहा कि यह लोकतंत्र है। यहां हर किसी को अपनी बात रखने का अधिकार है। हर कोई अपनी पसंद या नापसंद जाहिर करने को स्वतंत्र है।