उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी में एसपी दफ्तर में शुक्रवार को सुबह फरियाद लेकर पहुंची एक वृद्ध महिला के हाथों में लिखी पट्टिका देखकर हर कोई हैरान रह गया। पट्टिका पर लिखा था ‘एसपी साहब, मेरी किडनी बेचो, दरोगा साधूशरण यादव को पांच लाख दो’। यह माजरा देखने तमाम लोग इकट्ठा हो गए। एसपी अखिलेश चौरसिया भी हतप्रभ रह गए।
उन्होंने वृद्धा की पूरी बात सुनीं और मामले की विवेचना आरोपी दरोगा साधूशरण यादव से हटा दी। अब विवेचना दूसरे दरोगा को दी जाएगी। धौरहरा की ग्राम पंचायत तुलसीरामपुरवा के मजरा गांव डिहुआकलां निवासी 80 वर्षीय देवी ने शुक्रवार को एसपी को प्रार्थनापत्र देकर बताया है कि गांव के ही बलराम शुक्ला की 09 जून 2015 को गोली मार दी गई थी। 11 जून को ट्रॉमा सेंटर में उसकी मौत हो गई थी। इस मामले में छह लोग आरोपी हैं।
आरोप है कि इसके बाद सिर्फ रुपयों के चक्कर में हल्का दरोगा साधूशरण यादव और तत्कालीन कोतवाल विजय प्रताप यादव ने हत्या जैसे गंभीर अपराध में फंसाकर संदीप शुक्ला, रविंद्र शुक्ला, उमेश शुक्ला और अमभन शुक्ला को बलराम शुक्ला की हत्या के जुर्म में विधि विरुद्ध जेल भेज दिया।