सोलर घोटाले को लेकर केरल विधानसभा के भीतर और बाहर माकपा के नेतृत्व वाले विपक्ष के हंगामे के बीच मुख्यमंत्री ओमान चांडी ने इस्तीफा देने से साफ इंकार कर दिया है।
विपक्ष द्वारा लगातार इस्तीफे की मांग की बीच उन्होंने कहा कि जब उन्होंने कुछ गलत नहीं किया, तो वह अपना पद क्यों छोड़ें।
एक ओर जहां विपक्ष के हंगामे के चलते सदन की कार्यवाही को कुछ मिनट बाद ही स्थगित करना पड़ा, वहीं विधान सभा के बाहर सड़कों पर उनके कार्यकर्ताओं ने जमकर नारेबाजी की।
हालांकि विपक्ष के दबाव में टूटने से इंकार करते हुए चांडी ने कहा, ‘मैं क्यों इस्तीफा दूं? मैंने कुछ भी गलत नहीं किया है। मैं विपक्ष को चुनौती देता हूं कि अगर मैंने धोखा करने वाली कंपनी को थोड़ा सा भी फायदा पहुंचाने की कोशिश की है, तो वह मेरे खिलाफ सुबूत पेश करें।’
चांडी ने आरोप लगाया कि एलडीएफ बेबुनियाद सुबूतों के आधार पर उन पर आरोप लगा रहा है। पिछली एलडीएफ सरकार और धोखाधड़ी करने वाली कंपनी के बीच हुई डील कहीं जांच में सामने न आ जाए, इसलिए वह सदन की कार्यवाही नहीं चलने दे रहे हैं।
इस मामले में मुख्य आरोपी बीजू राधाकृष्णन को सोमवार को गिरफ्तार कर लिया गया जबकि उसकी सहयोगी सरिता नायर पहले से ही पुलिस की हिरासत में है।
सरिता और मुख्यमंत्री के निजी स्टाफ के दो सदस्यों के बीच कथित तौर पर कई बार फोन पर बात करने के बाद इस मामले ने राजनीतिक तूल पकड़ लिया है।
हालांकि इन दोनों को मुख्यमंत्री कार्यालय से हटा दिया गया है और जांच के लिए स्पेशल टीम गठित कर दी गई है।