इस साल 14 नवंबर को होने वाले इकलौते पूर्ण सूर्यग्रहण को भारत में नहीं देखा जा सकेगा। इस खगोलीय घटना के वक्त देश में अमावस की काली रात होगी, जिसकी वजह से सूर्य, पृथ्वी और चंद्रमा की अद्भुत लुकाछिपी को नहीं निहारा जा सकेगा। उज्जैन की प्रतिष्ठित जीवाजी वेधशाला के अधीक्षक डा. राजेंद्र प्रकाश गुप्त ने बताया कि पूर्ण सूर्यग्रहण का बेहतरीन नजारा ऑस्ट्रेलिया, दक्षिण अमेरिका और अंटाकर्टिका में देखा जा सकेगा।
उनके मुताबिक भारतीय समय अनुसार पूर्ण सूर्यग्रहण की शुरुआत 13 और 14 नवंबर की दरम्यान रात 2:06:01 पर शुरू होगी और तड़के 5:17:04 पर समाप्त हो जाएगी। इस तरह सूर्य, पृथ्वी और चंद्रमा की दिलचस्प भूमिका वाला खगोलीय घटनाक्रम करीब सवा तीन घंटे तक चलेगा। कोई दो सदी पुरानी वेधशाला के अधीक्षक ने अपनी गणना के हवाले से कहा कि पूर्ण सूर्यग्रहण रात 3:41:08 पर अपने चरम स्तर पर पहुंचेगा।
इस वक्त चंद्रमा, सूर्य को पूरी तरह ढंक लेगा। इससे पृथ्वी पर पूर्ण अंधकार छा जाएगा। पूर्ण सूर्यग्रहण तब होता है, जब सूर्य और पृथ्वी के बीच चंद्रमा इस तरह आ जाता है कि पृथ्वी से देखने पर सूर्य पूरी तरह चंद्रमा की ओट में छिपा प्रतीत होता है। उन्होंने बताया कि 28 नवंबर को लगने वाला उपच्छाया चंद्रग्रहण इस साल का आखिरी ग्रहण होगा।