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सोशल मीडिया पर 1 अप्रैल को मोदी दिवस मनाने की तैयारी

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साइबर कानून की धारा 66 A खत्म होने का असर दिखने लगा है। सोशल मीडिया ने जोरशोर से एक अप्रैल यानी मूर्ख दिवस मनाने की तैयारी शुरु कर दी है। एनसीपी नेता नवाब मलिक ने कहा है कि एक अप्रैल को 'मोदी दिवस' के रूप में मनाया जाएगा।
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फेसबुक पर की गई एक पोस्ट में उन्होंने लिखा है, 'Breaking news- भारत सरकार का फैसला। 1 April को 'मोदी दिवस' के रूप में मनाया जाएगा।' व्हाट्सएप पर ऐसे कैरीकेचर भी शेयर किए जा रहे हैं, जिस पर एक अप्रैल को मोदी दिवस मनाने की घोषणा की गई है।

पिछले साल सोशल मीडिया ने एक अप्रैल को केजरीवाल दिवस, पप्पू दिवस और फेंकू दिवस के रूप में मनाया था।

नवाब मलिक की फेसबुक पोस्ट-

(function(d, s, id) {  var js, fjs = d.getElementsByTagName(s)[0];  if (d.getElementById(id)) return;  js = d.createElement(s); js.id = id;  js.src = "//connect.facebook.net/en_US/sdk.js#xfbml=1&version=v2.3";  fjs.parentNode.insertBefore(js, fjs);}(document, 'script', 'facebook-jssdk'));Breaking news:- भारत सरकार का फैसला 1 April को   "मोदी दिवस " के रूप में मनाया जाएगा।Posted by Nawab Malik on Friday, March 27, 2015
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सुप्रीम कोर्ट ने पिछले सप्ताह रद्द की थी धारा 66A

उल्‍लेखनीय है कि सुप्रीम कोर्ट ने पिछले सप्ताह साइबर कानून की धारा 66A को समाप्त ‌कर दिया था। सुप्रीम कोर्ट का कहना था कि धारा 66A भारतीय संव‌िधान के अनुच्छेद 19(2) के अनुरूप नहीं है। और अभिव्यक्ति का आजादी का हनन करती है।

2008 में यूपीए सरकार ने धारा 66A को जोड़ा था। उस समय भाजपा ने भी यूपीए के प्रस्ताव का समर्थन किया था। हालांकि सोशल म‌ीडिया शुरू से ही इस धारा के खिलाफ रहा। 66A के विरोध में प्रदर्शन भी हुए। नेताओं पर कमेंट के कारण कई बार गिरफ्तारियां भी हुईं।

66A खत्म होने का ही असर है कि सोशल मीडिया ने अपनी इच्छा के मुताबिक मूर्ख दिवस मनाने की तैयारी कर ली है।
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