अगले आम चुनाव में फेसबुक और ट्विटर जैसे सोशल मीडिया का इस्तेमाल करने वाले लोग खासा असर डाल सकते हैं।
लोकसभा की तकरीबन 160 सीटों पर इसका असर दिखाई पड़ सकता है।
आईरिश नॉलेज फाउंडेशन एंड इंटरनेट एंड मोबाइल एसोसिएशन ऑफ इंडिया द्वारा कराए गए एक अध्ययन में यह दावा किया है।
अध्ययन कहता है, ‘लोकसभा की कुल 543 में से 160 सीटों पर सोशल मीडिया का खासा असर देखने को मिल सकता है।’
इसके मुताबिक महाराष्ट्र में इसका सबसे ज्यादा असर (21) पड़ने की संभावना है। जबकि दूसरे नंबर पर गुजरात (17) है।
उन लोकसभा सीटों पर इसका असर ज्यादा पड़ेगा, जहां लोग सोशल नेटवर्किंग साइट फेसबुक का इस्तेमाल सबसे ज्यादा करते हैं।
या फिर जिस लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र में कुल मतदाताओं के दस फीसदी से ज्यादा लोग फेसबुक से जुडे़ हुए हैं। उत्तर प्रदेश में 14, कर्नाटक की 12, तमिलनाडु की 12, आंध्र प्रदेश की 11, केरल की 10 और मध्य प्रदेश की 9 सीटों पर इसका असर देखने को मिल सकता है।
अध्ययन में कुल 67 लोकसभा सीटों की पहचान मध्यम असर वाली सीटों के रूप में की गई है।
मध्यम असर वाले क्षेत्रों में ऐसा माना जाता है कि यहां के लोग खुद फेसबुक का इस्तेमाल तो नहीं करते, मगर साइट के यूजर्स से किसी न किसी रूप में जुडे़ रहते हैं।
जबकि 60 निर्वाचन क्षेत्रों की पहचान कम असर वाली सीटों के तौर पर की गई है। जबकि शेष 256 सीटें सोशल मीडिया के प्रभाव से अछूती हैं।