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केजरी और दिग्गी के लिए दोधारी तलवार बना सोशल मीडिया

Sat, 03 May 2014 03:22 PM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, दिल्ली
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तेज-तर्रार और सटीक। और कई बार मजाकिया भी। इस चुनावी सीजन में ट्विटर और फेसबुक ने माहौल बना दिया है। दरअसल, सियासी नेताओं के लिए चुनावी सरजमीं पर लड़ी जा रही लड़ाई के मामले में सोशल मीडिया धारदार हथियार बनका उभरा है।
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यह उन्हें अपने मतदाताओं तक पहुंचने का रास्ता देता है और संदेश पहुंचाने का भी। जाहिर है, ट्विटर, फेसबुक और यूट्यूब बडे़ पैमाने पर लोगों तक पहुंचने का जरिया बन रहा है।

लेकिन कई मौकों पर सोशल मीडिया नेताओं के लिए मुसीबत भी बन गया है। और इन नेताओं को भी सबक मिल गया है। दरअसल, यह दोधारी तलवार की तरह है।

दिग्गी और अमृता राय

इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक इस सिलसिले की ताजा कड़ी कांग्रेस महासचिव और वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह बने हैं, जो इन दिनों टीवी पत्रकार अमृता राय के साथ तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल होने के कारण विवादों में फंस गए हैं।

कुछ ऐसी तस्वीरें और वीडियो सामने आने के बाद उन्होंने ‌ट्वीट किया, "मुझे अमृता राय के साथ रिश्ता स्वीकार करने में जरा हिचकिचाहट नहीं है। उन्होंने और उनके पति ने तलाक के लिए अर्जी दे दी है। जैसे ही इस पर फैसला होगा, हम इस रिश्ते को औपचारिक शक्ल देंगे।"

हालांकि, दिग्विजय सिंह सोशल मीडिया विवादों में फंसे अकेले नेता नहीं हैं। कुछ ऐसे मामले आपके सामने हैं, जो सोशल मीडिया पर छाए, तो उन नेताओं की मुसीबत बन गए जो इससे पहले इसी मीडिया का खूब इस्तेमाल करते थे।

केजरीवाल और बहुत क्रांतिकारी

आम आदमी पार्टी की हालत उस वक्त अजीबोगरीब हो गई, जब यूट्यूब पर एक वीडियो वायरल हो गया। इसमें पार्टी प्रमुख और‌ दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल टीवी इंटरव्यू में अपनी छवि चमकाने की कोशिश कर रहे थे।

14 फरवरी को केजरीवाल और टीवी पत्रकार के बीच हुई बातचीत में आम आदमी पार्टी के नेता इंटरव्यू के एक खास हिस्से को ज्यादा तरजीह देने और एक खास विषय को नजरअंदाज करने की बात कह रहे हैं।

इस वीडियो को लेकर विरोधी राजनीतिक दलों ने आम आदमी पार्टी पर करारा हमला बोला, जबकि पार्टी का कहना था कि लीक हुआ वीडियो उसकी छवि को बिगाड़ने की साजिश है।

शाजिया और सेकुलर मुस्लिम

कुछ दिन पहले गाजियाबाद में आम आदमी पार्टी के टिकट लड़ने वाली शाजिया इल्मी का वीडियो सामने आया। इसमें वो मुस्लिमों के संग दिख रही हैं। वो कह रही हैं, "मुस्लिमों को अब कम्युनल बनना चाहिए।"

उन्होंने कहा था, "मुस्लिम अपने समुदाय को वोट नहीं करते। अरविंद केजरीवाल आपके अपने हैं। आपको इतना भी सेकुलर नहीं बनना चाहिए। अपना घर संभालिए। अपना फायदा देखिए। यह विवादित है, लेकिन जरूरी है।"

इस बयान को लेकर आम आदमी पार्टी के नेता की काफी आलोचना हुई। उनकी अपनी पार्टी के नेताओं ने कहा कि शाजिया को ऐसा नहीं कहना चाहिए था। हालांकि, वो अपनी बात पर अड़ी रहीं।

सुनंदा पुष्कर और पाकिस्तानी पत्रकार

इस साल की शुरुआत में केंद्रीय मंत्री शशि थरूर मुसीबत में फंस गए, जब उनकी पत्नी सुनंदा पुष्कर और पाकिस्तानी पत्रकार मेहर तरार के बीच ट्वीट पर जंग छिड़ गई। ट्विटर पर उन्होंने मेहर और अपने पति पर विवाहेत्तर संबंध होने का आरोप लगाया।

इस लड़ाई के दो दिन बाद सुनंदा पुष्कर दिल्ली के एक होटल में मरी पाई गईं। ट्विटर पर सुनंदा यहां तक कह गई थीं कि मेहर तरार पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई की एजेंट हैं।

जंग को खत्म करने के लिए थरूर और सुनंदा ने ट्विटर पर संयुक्त बयान जारी कर कहा कि वो बेहद खुश हैं। लोकसभा चुनावों से ठीक पहले सुनंदा के इन बयानों और फिर मौत ने उन्हें थरूर को मुश्किल में डाल दिया था।

थरूर और मैंगो मैन

केंद्रीय मंत्री शशि थरूर इससे पहले भी एक ट्वीट को लेकर फंस चुके हैं। मामला 2009 का है, जब उन्होंने ट्विटर पर लिख दिया था कि वो भी कैटल क्लास में ट्रैवल करेंगे। उनके मायने कुछ और रहे होंगे, लेकिन इसे आम और गरीब लोगों को भेड़-बकरी कहना माना गया।

कांग्रेस ने इस बयान पर कड़ी आपत्ति दर्ज कराई। यह बात उन्होंने ऐसे वक्त पर कही, जब सरकार और कांग्रेस किफायत का अभियान चलाए हुई थी। थरूर को माफी मांगनी पड़ी।

उन्होंने लाइबेरिया से लिखा, "यह अजीब सी बात थी लेकिन इसका मतलब उन लोगों का अपमान करना कतई नहीं था, जो इकनॉमी क्लास में ट्रैवल करते हैं, बल्कि उन विमान कंपनियों के बारे में था, जो हमें भेड़-बकरियों की तरह भरती हैं। कई लोगों ने इसे गलत समझा।"

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रॉबर्ट वाड्रा और मैंगो मैन

कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी को अपना फेसबुक एकाउंट तक बंद करना पड़ा। उन्होंने सोशल नेटवर्किंग साइट पर कुछ ऐसा लिख दिया था, जिस पर अरविंद केजरीवाल समेत कई सामाजिक कार्यकर्ताओं ने उन पर हमला बोल दिया।

वाड्रा ने फेसबुक पेज पर लिखा था, "बनाना रिपब्लिक में मैंगो पीपल।" मैंगो पीपल का मतलब आम आदमी से था। वाड्रा ने इशारों-इशारों में अरविंद केजरीवाल और उनकी टीम पर हमला बोला था।

हालांकि, बाद में उन्होंने इसे डिलीट कर दिया, लेकिन तब तक केजरीवाल और उनके साथियों ने इसे बड़ा मुद्दा बना दिया था। वाड्रा ने बाद में एकाउंट बंद कर दिया, क्योंकि उन्हें लगा कि एक छोटे से कमेंट को लेकर बखेड़ा कर दिया गया।
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