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कितने बदतर हालात में काम करते हैं पुलिसकर्मी, पढ़िए ये रिपोर्ट

Mon, 01 Jun 2015 06:37 PM IST
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, दिल्ली
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कई बार हम देखते हैं कि पुलिस वाले आम जनता से अच्छी तरह से व्यवहार नहीं करते या फिर अपना काम सही तरीके से नहीं करते इसकी बड़ी वजह एक अध्ययन में सामने आई है।
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पुलिस अनुसंधान और विकास ब्यूरो तथा भारत के स्टाफ एवं प्रशासनिक कॉलेज के स्टडी में ये बात सामने आई है कि 90 प्रतिशत से ज्यादा पुलिसकर्मी 8 घंटे से ज्यादा काम करते हैं वहीं 73 प्रतिशत ऐसे हैं जिन्हें सप्ताह में छुट्टी के लिए भी तरस जाना पड़ता है।

अध्ययन में यह पाया गया है कि लगातार लंबे समय तक काम करने की वजह से पुलिसकर्मी अपना स्वास्थ्य भी गंवा रहे हैं और पब्लिक से बहुत ज्यादा सख्त तरीके से पेश आते हैं जो आगे चल कर पुलिस की छवि बिगाड़ने का काम करती है।
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मानको पर खरे नहीं उतरते इनके काम के घंटे

शोध में 12,156 पुलिसकर्मी शामिल किए गए हैं जिनमें 1,003 एसएचओ, 962 पर्यवेक्षीय अधिकारी शामिल हैं। इस शोध में 23 राज्यों के 319 जिलों और 2 केन्द्र शासित प्रदेशों के कांस्टेबल से लेकर आईजीपी रैंक तक के अधिकारी शामिल किए गए हैं।

सर्वेक्षण में मेट्रोपोलिटन, शहरी, शहरी-ग्रामीण, ग्रामीण अपराध, ट्रैफिक, महिला और आदिवासी क्षत्रों के पुलिस स्टेशन शामिल किए गए हैं।सर्वेक्षण के अनुसार 68 प्रतिशत एसएचओ औऱ 76 प्रतिशत के आस पास पर्यवेक्षीय अधिकारी पुलिस स्टेशन में 11 घंटे से ज्यादा काम करते हैं।

वहीं 27.7 प्रतिशत एसएचओ और 30.4 प्रतिशत पर्यवेक्षीय अधिकरी 14 घंटे से ज्यादा अपने ऑफिस में रिपोर्ट करते हैं।सर्वेक्षण के मुताबिक फिलहाल में पुलिसकर्मियों के काम के घंटे न तो लेबर लॉ के मुताबिक हैं और न ही संविधान की धारा 42 के मुताबिक उचित।

बेतरतीब काम के घंटे हानिकारक

पुलिसवालों के काम के घंटे अंतर्राष्ट्रीय मानकों पर भी खरी नहीं उतरते। सीमा से ज्यादा काम करने पर कई तरह के गलत प्रभाव भी पड़ते हैं जिससे काम पर भी असर पड़ता है।

सर्वेक्षण के मुताबिक 74 प्रतिशत पुलिसकर्मियों का स्वास्थ्य इसलिए बिगड़ रहा है क्योंकि उनके काम घंटों का उचित निर्धारण नहीं हुआ है। 76 प्रतिशत के करीब एसएचओ का मानना है कि काम के ये घंटे पुलिसकर्मियों के लिए हानिकारक साबित हो रहे हैं।

लगातार कई घंटों तक खड़े रहने की वजह से उनके जोड़ों में दर्द की शिकायत भी सामने आ रही है। सर्वेक्षण के मुताबिक मौजूदा काम के घंटे पुलिसकर्मी के सामाजिक और पारिवारिक जीवन पर बुरी तरह से प्रभाव डाल रहे हैं।
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सर्वेक्षण ने की शिफ्ट लगाने की अनुशंसा

केरल में काम पुलिस कर्मियों को केवल 8 घंटे तक काम कराया गया जिसके परिणाम स्वरुप पुलिस के काम करने के तरीके में बदलाव आया है वहीं जांच संबंधी कार्यों में भी सुधार आया है।

सर्वेक्षण ने यह अनुशंसा की है कि पुलिसकर्मियों के काम के घंटे शिफ्ट के मुताबिक तय किए जाएं और शिफ्ट की प्रक्रिया को सही तरीके से चलाने के और भर्तियां की जाएं।

सर्वेक्षण ने यह भी अनुशंसा की है कि महिला पुलिसकर्मियों की भर्ती भी बड़े पैमाने पर की जाए।
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