स्मृति ईरानी ने कांग्रेस सांसद संजय निरूपम के खिलाफ मानहानि का मुकदमा दायर किया है। उन्होंने निरूपम पर उनके खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी करने का आरोप लगाया है। शिकायत पर संज्ञान लेते हुए अदालत ने स्मृति के बयान दर्ज कर लिए।
पटियाला हाउस स्थित मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट जय थरेजा ने अपने फैसले में कहा कि साक्ष्यों के आधार पर धारा 499 के तहत मानहानि व 503 के तहत आरोपी के खिलाफ कार्रवाई करने का ठोस आधार है। अदालत ने कहा कि गवाहों के बयान दर्ज होने के बाद ही निरूपम को समन जारी करने के मुद्दे पर विचार किया जाएगा।
अदालत ने शिकायतकर्ता स्मृति ईरानी को याचिका के समर्थन में गवाह पेश करने का निर्देश देते हुए सुनवाई 7 फरवरी तक के लिए स्थगित कर दी।
भाजपा सांसद स्मृति अदालत में व्यक्तिगत रूप से पेश हुईं। अदालत ने उनके आग्रह को स्वीकार करते हुए कांग्रेस सांसद के खिलाफ लगाए आरोपों पर करीब 45 मिनट तक उनके बयान दर्ज किए। इस दौरान अदालत ने सभी लोगों को अदालत से बाहर जाने का आदेश जारी कर दिया।
क्या है स्मृति का आरोप
स्मृति ईरानी ने आरोप लगाया है कि गुजरात चुनावों के दौरान 20 दिसंबर 2012 को एक न्यूज चैनल में बहस के दौरान संजय निरूपम ने उनके खिलाफ काफी आपत्तिजनक व अपमानजनक भाषा का प्रयोग किया। उन्होंने कहा था कि टीवी कलाकर कैसे चुनाव नतीजों की विशेषज्ञ हो गईं।