ब्रिटेन के एक स्कूल में नौ साल की लड़कियों के स्कर्ट पहनने पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। यह फैसला स्कर्ट का साइज कम होने और छात्राओं का लेडी लुक न लगने के चलते लिया गया है।
लंदन के इंग्लैंड मिडल स्कूल के वॉकवुड चर्च ने यह प्रतिबंध लगाया है और सितंबर से छात्राओं को पैंट पहनने के लिए कहा गया है।
स्कूल में छात्राओं के 2014 से ब्लाउज पहनने पर भी रोक लगाई गई है ताकि स्कूल में लड़के और लड़कियों की यूनिफॉर्म एक जैसी रहे।
लेकिन कई छात्राओं के माता-पिता ने इस कदम का विरोध करते हुए इसे पागलपन करार दिया है और छात्राओं को महिला जैसा व्यवहार करने के लिए कहने पर आपत्ति भी जताई है।
कुछ आंकड़ों के मुताबिक 63 स्कूलों ने अपने यहां स्कर्ट पर प्रतिबंध लगा दिया है। इनमें अधिकतर सेकंडरी स्कूल हैं पर एक मिडिल स्कूल ने ऐसा ही फैसला लिया है।
स्कूल की मुख्य शिक्षिका डेविड डाउटफायर के अनुसार यह फैसला जरूरी था क्योंकि विद्यार्थी बहुत छोटी स्कर्ट पहनने लगे थे। इससे उन्हें उठने बैठने में भी दिक्कतें होती हैं। यह महिलाओं की तरह व्यवहार नहीं है। इस संबंध में छात्राओं को टोके जाने पर भी नहीं मानती थीं।
उन्होंने कहा कि गर्मियों में छात्राओं को स्कर्ट पहनने दी जा सकती है, हम इस पर विचार कर रहे हैं।
माता-पिता ने जताया विरोध
करीब 20 माता-पिता ने स्कूल के स्कर्ट पर पाबंदी लगाने पर लिखित शिकायत दर्ज कराई है। उनका कहना है कि लड़कियों को स्कर्ट न पहनने देना उन्हें दुविधा में डालना है।
एक पैरेंट का कहना है कि नौ साल की बच्चियों को महिला जैसा न दिखने का तर्क गैरवाजिब है। वो औरतें नहीं लड़कियां हैं।
इससे पहले सेकंडरी स्कूल के लड़कों के समूह ने शिक्षकों के खिलाफ यह अभियान चलाया था कि उन्हें गर्मियों में शॉटर्स पहनने दी जाए। इसके बाद स्कर्ट पर पाबंदी का कदम उठाया गया है।