केरल के पद्मनाभ स्वामी मंदिर का छठा तहखाना (वाल्ट-बी) अभी नहीं खोला जाएगा। सुप्रीम कोर्ट ने फिलहाल छठे तहखाने को खोलने के बारे में कोई निर्देश नहीं दिए हैं। कोर्ट ने अब तक खुल चुके पांच तहखानों की मरम्मत कर मजबूत करने के निर्देश दिए हैं। इसमें करीब 80 लाख का खर्च आएगा। इस बीच, न्यायमित्र (एमाइकस क्यूरी) गोपाल सुब्रमण्यम ने मंदिर के संचालन और तहखानों की सुरक्षा पर अपनी रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट को सौंप दी है।
गौरतलब है कि मंदिर के तहखानों में अकूत संपत्ति होने की आई खबरों के बाद केरल का पद्मनाभ स्वामी मंदिर चर्चा में आया था। केरल हाई कोर्ट ने मंदिर की संपत्ति को राजा की संपत्ति नहीं बल्कि राज्य की संपत्ति घोषित किया था। मंदिर के ट्रस्टी राजा मार्तड वर्मा ने हाई कोर्ट के इस आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है।
मंगलवार को सुनवाई के दौरान न्यायमित्र वरिष्ठ अधिवक्ता गोपाल सुब्रमण्यम ने कोर्ट को बताया कि उन्होंने मंदिर के संचालन और सुरक्षा पर अपनी रिपोर्ट दाखिल कर दी है। इसमें उन्होंने कई सिफारिशें की हैं। मामले की सुनवाई कर रही न्यायमूर्ति आरएम लोधा व न्यायमूर्ति एके पटनायक की पीठ ने रिपोर्ट की प्रति संबंधित पक्षकारों को दिए जाने का निर्देश दिया ताकि वे उस पर अपना नजरिया दे सकें। इसके अलावा कोर्ट ने अभी तक खोले जा चुके तहखानों को मजबूत करने की बात कही।
पीठ ने वाल्ट सी को मजबूत करने के अपने पूर्व आदेश में मामूली संशोधन करते हुए कहा है कि पहले वाल्ट-ए को अंदर से मजबूत किया जाए। कोर्ट को बताया गया कि इसमें करीब 80 लाख का खर्च आएगा। इस पर कोर्ट ने खर्च का दो तिहाई हिस्सा राज्य सरकार को और एक तिहाई हिस्सा मंदिर के ट्रस्टी मार्तड वर्मा को वहन करने का निर्देश दिया।
एमाइकस क्यूरी गोपाल सुब्रामण्यम ने रिपोर्ट दाखिल करने से पहले जमीनी हकीकत जानने के लिए अक्टूबर में पद्मनाभ स्वामी मंदिर का दौरा किया। गोपाल सुब्रमण्यम, अरदेन्धु मौली कुमार प्रसाद, अपूर्व कुरुप तथा निशीथ अग्रवाल की टीम ने मंदिर का दौरा किया और वहां की स्थिति का जायजा लेने के लिए विशेषज्ञ समित, निगरानी समिति, तंत्रियों तथा मंदिर के मुख्य स्वामी से मुलाकात की। इसके बाद सुब्रमण्यम ने सौ पृष्ठ की रिपोर्ट कोर्ट में दाखिल की है। इस रिपोर्ट पर कोर्ट अगली सुनवाई में विचार कर सकता है।